19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है. इस साल यह त्योहार एक खास संकेत बनकर आया है. अंक ज्योतिष के अनुसार, 19 अप्रैल 2026 का कुल जोड़ 6 (1+9+4+2+0+2+6= 24, 2+4=6) होता है, जो कि शुक्र का अंक है. अक्षय तृतीया और अंक 6 का कॉम्बिनेशन शुक्र प्रधान लोगों के लिए खुशखबरी और सुख-संपन्नता का संकेत दे रहा है. इस बार यह पर्व मूलांक 6 या भाग्यांक 6 या फिर कुंडली में शुक्र प्रधान लोगों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध हो सकता है. इस अक्षय तृतीया पर इन तीनों जातकों पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा हो सकता है.
6 अंक वालों के लिए क्यों खास है अक्षय तृतीया?
इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को पड़ रही है, जिसके अंकों का जोड़ 6 होता है. यानी शुक्र का अंक है. शुक्र संपन्नता, धन, वैभव, आकर्षण और सुंदरता का कारक ग्रह है. किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 6 होता है. इनके लिए इस साल की अक्षय तृतीया अपेक्षाकृत कुछ खास होगी. अक्षय तृतीया पर इन्हें धनधान्य, सुख-संपन्नता जैसे शुभ समाचार मिल सकते हैं.
शुक्र की इस दिशा में करें ये उपाय
वास्तु के अनुसार, शुक्र का संबंध दक्षिण-पूर्व दिशा से होता है. मां लक्ष्मी का स्थान भी दक्षिण-पूर्व दिशा ही है. अक्षय तृतीया पर यदि आप घर की इस दिशा में कमल के फूल पर विराजमान मां लक्ष्मी की तस्वीर स्थापित करें और प्रतिदिन उनका पूजन करें तो निश्चित तौर पर आपको लाभ मिलेगा. दक्षिण-पूर्व दिशा को हमेशा सुगंधित रखना चाहिए. यहां पंचगव्य से बनी धूपबत्ती और भीमसेनी कर्पूर की सुगंध विशेष लाभकारी होती है. जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह उच्च के हैं या फिर मित्र राशि में विराजमान हैं, उनके लिए भी अक्षय तृतीया विशेष शुभकारी रहेगी.
पूजा और मंत्र
अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के बाद शुक्र देव की उपासना भी जरूर करें. शुक्र देव को प्रसन्न करने के लिए दूध या दूध से बनी चीजें, दही, घी, चीनी और चावल आदि अर्पित करें. शुक्र देव को सुगंध अर्पित करने से भी बड़ा लाभ मिलता है. इसके बाद 'ॐ शुं शुक्राय नमः' या 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' मंत्र का जाप भी करें.
दान
अक्षय तृतीया के दिन शुक्र से जुड़ी चीजों का दान करना आपके लिए उत्तम होगा. इस दिन दूध, चावल, दही, मिश्री, सफेद वस्त्र, सफेद मिठाई या इत्र आदि का दान करना आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है. आप चाहें तो गरीबों को खाने की चीजें या सामर्थ्य के अनुसार धन का दान भी कर सकते हैं.
अंशु पारीक