Sheetala Ashtami 2021: शीतला अष्टमी आज, इस पूजन विधि से मिलेगा सुख-समृद्धि का वरदान

मां शीतला के स्वरूप को शीतलता प्रदान करने वाला माना गया है. ऐसी मान्यता है कि, जो भी व्यक्ति सच्चे मन से और पूरे विधि-विधान से शीतला अष्टमी के दिन मां शीतला का व्रत करता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उसके सभी रोगों का निवारण हो जाता है.

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आज आषाढ़ मास की शीतला अष्टमी मनाई जा रही है आज आषाढ़ मास की शीतला अष्टमी मनाई जा रही है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 9:50 AM IST
  • आषाढ़ मास की शीतला अष्टमी आज
  • रोगों से मुक्ति दिलाती हैं मां शीतला
  • दुर्गा मां का स्वरूप हैं माता शीतला

आज आषाढ़ मास की शीतला अष्टमी है. आज के दिन माता शीतला की पूजा की जाती है. मां शीतला को दुर्गा माता का ही एक स्वरूप माना जाता हैं. माता शीतला आरोग्य और शीतलता प्रदान करने वाली देवी है. शीतलाष्टमी के दिन मां शीतला की पूजा करने से सुख-समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है. शीतला अष्टमी को बसौड़ा भी कहा जाता है. जिस तरह मां काली ने राक्षसों का नाश किया था, ठीक उसी तरह मां शीतला व्यक्ति के अंदर छिपे रोग रूपी असुर का नाश करती हैं. 

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माता शीतला को चढ़ता है बासी भोग- शीतला माता की पूजा के दिन घर में चूल्हा नहीं जलता है. एक दिन पहले सारा भोजन बनाकर तैयार कर लिया जाता है और फिर दूसरे दिन घर की महिलाएं सुबह जल्दी उठकर शीतला माता की पूजा करती हैं. इसके बाद मां को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और घर के सभी सदस्य भी बासी भोजन ही खाते हैं. हिन्दू मान्यता के अनुसार, शीतला माता की पूजा के दिन ताजे खाने का सेवन और गर्म पानी से स्नान वर्जित है.

माता शीतला की पूजा विधि- प्रात काल उठकर पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करें. साफ-सुथरे नारंगी रंग के वस्त्र धारण करें. पूजा करने के लिए दो थाली सजाएं. एक थाली में दही, रोटी, पुआ, बाजरा, नमक पारे, मठरी और सतमी के दिन बने मीठे चावल रखें. दूसरी थाली में आटे का दीपक बनाकर रखें. रोली, वस्त्र अक्षत, सिक्का और मेहंदी रखें और ठंडे पानी से भरा लोटा रखें. घर के मंदिर में शीतला माता की पूजा करके बिना दीपक जलाए रख दें और थाली में रखा भोग चढ़ाए. नीम के पेड़ पर जल चढ़ाएं.

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शीतला अष्टमी का महत्व- मां शीतला के स्वरूप को शीतलता प्रदान करने वाला माना गया है. ऐसी मान्यता है कि, जो भी व्यक्ति सच्चे मन से और पूरे विधि-विधान से शीतला अष्टमी के दिन मां शीतला का व्रत करता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उसके सभी रोगों का निवारण हो जाता है. पूजा के बाद माता शीतला का जाप करने से बीमारियों से जल्द मुक्ति मिलती है.

 

 

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