अगर आप में आत्मविश्वास की कमी है. समाज में प्रतिष्ठा नहीं मिलती है और हर कार्य में असफलता मिलती है तो आप एक बार आध्यात्म की राह अपना कर देख सकते हैं. इन सारी परेशानियों की निजात के लिए हनुमान जयंती का दिन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. इस दौरान हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है. अगर आप इन समस्याओं से निजात पाना चाहते हैं तो बहुत साधारण उपाय अपना सकते हैं.
वैसे तो लोग हनुमान जी की कृपा के लिए हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमानष्टक का पाठ करते हैं, लेकिन एक बहुत सरल उपाय भी उनकी कृपा दिला सकता है. यह है हनुमान गयात्री मंत्र.
हनुमानजी की शक्ति, बुद्धि और साहस पाने का ये एक प्रभावशाली मंत्र है. इस मंत्र को जाप करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सभी प्रकार के भय/संकटों से मुक्ति दिलाता है. इसके साथ ही नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति में सहायक है.
हनुमान गायत्री मंत्र
'ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि.तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥'
"हम देवी अंजनी के पुत्र और पवनपुत्र हनुमान का ध्यान करते हैं. हे हनुमान जी, हमें बुद्धि और ज्ञान की ओर प्रेरित करें."
हनुमान गायत्री मंत्र के फायदे और महिमा
यह मंत्र हनुमान जी की तरह निडरता, शक्ति, धीरज और अटूट भक्ति के गुण प्रदान करता है. इसके जाप से जीवन के सभी कष्ट, रोग, भय और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं.एकाग्रता और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए यह मंत्र बहुत कारगर है. यह मंत्र शनि की साढ़े साती या ढैया के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है.
किसी भी यात्रा या कार्य को शुरू करने से पहले इसका जाप करने से सुरक्षा मिलती है.
जाप की विधि
हनुमान जयंती या फिर मंगलवार या शनिवार को सुबह हनुमान मंदिर में या घर पर ही, शुद्ध होकर जाप शुरू करें. रुद्राक्ष की माला से 108 बार जाप करना शुभ होता है. हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं. जाप करते समय अपना ध्यान हृदय के पास अनाहत चक्र पर केंद्रित करें. यह मंत्र न केवल आध्यात्मिक, बल्कि भौतिक उन्नति के लिए भी उत्तम माना जाता है.
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