Ganga Dussehra 2022: गंगा दशहरा आज, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व

Ganga Dussehra 2022: Ganga Dussehra: गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. गंगा दशहरा के दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. इसलिए इस शुभ तिथि को गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं.

Advertisement
गंगा दशहरा के दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं गंगा दशहरा के दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2022,
  • अपडेटेड 8:25 AM IST
  • गंगा दशहरा आज
  • शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान
  • गंगा में स्नान करने से धुल जाते हैं पाप

Ganga Dussehra 2022: 9 जून को यानी आज गंगा दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है. ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाए जाने का विधान है. हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष महत्व बताया गया है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन धरती पर मां गंगा अवतरित हुई थीं. मान्यता है कि इस शुभ तिथि को गंगा नदी में डुबकी लगाने से हर तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है. 

Advertisement

गंगा दशहरा पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त- गंगा दशहरा की दशमी तिथि गुरुवार, 9 जून 2022 को सुबह 8 बजकर 23 मिनट से लेकर शुक्रवार, 10 जून को सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. इस बीच शुभ घड़ी में आप किसी भी समय आस्था की डुबकी लगा सकते हैं. अगर आपके लिए गंगा घाट पर जाकर स्नान करना संभव नहीं है तो बाल्टी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं.

गंगा दशहरा के दिन हस्त नक्षत्र का महत्व- ज्योतिषियों के अनुसार गंगा दशहरा के दिन ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गर करण और कन्यास्थ चंद्रमा होगा. मां गंगा ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में ही पृथ्वी पर उतरी थीं. इसलिए हस्त नक्षत्र में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य पूर्णत: सफल माने जाते हैं. गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र सुबह 4 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा. 

Advertisement

गंगा दशहरा पर बना विशेष योग- ज्योतिष के जानकारों के अनुसार गंगा दशहरा पर ग्रह-नक्षत्रों से मिलकर चार शुभ योग बन रहे हैं. गुरु-चंद्रमा और मंगल का दृष्टि संबंध रहेगा. इससे गज केसरी और महालक्ष्मी योग का निर्माण होगा. वहीं, वृष राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बनेगा. इसके अलावा, सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों से पूरे दिन रवि योग रहेगा. इस शुभ घड़ी में दान स्नान का महत्व और ज्यादा बढ़ जाएगा.

 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement