राजस्थान में नशामुक्त नागौर के तहत जिला पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने एक बार फिर नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी है. डेगाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने संयुक्त दबिश में चौखा की ढाणी से 979.02 ग्राम अवैध सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए बरामद किया. इसकी बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी जा रही है.
मिर्च की थैली में एक करोड़ का जहर
तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए इस खेप को रसोई के सामान में मिर्ची की थैली में भरकर चारे के ढेर में छिपा रखा था. लेकिन पुलिस की सटीक सूचना और रणनीति के आगे उनकी चालाकी काम नहीं आई. मौके पर 42 साल के श्रवणराम बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड उसका चचेरा भाई विनीत बिश्नोई है.
विनीत पिछले तीन साल से जिले में नशे का जाल फैला रहा था और हर महीने 5 किलो से ज्यादा एमडीएमए की सप्लाई कर युवाओं को बर्बाद कर रहा था. दबिश की खबर मिलते ही विनीत फरार हो गया. पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है.
शोरूम की आड़ में ड्रग्स का धंधा
विनीत नागौर शहर के अजमेर रोड पर वाहनों की एक्सेसरीज की दुकान पार्टनरशिप में चलाता है. व्यापार की आड़ में वह पूरा नशा नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था. वह आलीशान जीवन जीने का दीवाना है, लग्जरी गाड़ियों में घूमता है, शरीर पर भारी सोने के आभूषण पहनता है. इसी रईस छवि का इस्तेमाल कर वह युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करता था.
मास्टरमाइंड अभी भी फरार
इस पूरे ऑपरेशन में जिला स्पेशल टीम नागौर के महेंद्र एचसी की सक्रिय भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही. उन्होंने सूचना से लेकर दबिश तक पूरे अभियान का नेतृत्व किया. जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने कहा- 'हमारा लक्ष्य नागौर को नशा मुक्त बनाना है. किसी भी तस्कर को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा. अगर कहीं भी कोई अवैध मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त कर रहा है तो तुरंत डीएसटी व पुलिस को सूचना दें.' पुलिस की इस सनसनीखेज कार्रवाई ने साबित कर दिया कि मिर्ची की थैली में छिपाकर भी ‘मौत का जहर’ बच नहीं सकता. ऑपरेशन संकल्प के तहत नशे के नेटवर्क पर शिकंजा लगातार कसा जा रहा है. पुलिस फरार मास्टरमाइंड विनीत बिश्नोई को भी जल्द गिरफ्तार करने की तैयारी में है.
केशाराम गढ़वार