राजस्थान के कोटपूतली में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां भैंसों के तबेले में अवैध रूप से गैस एजेंसी चलाई जा रही थी. रसद विभाग की टीम ने छापा मारकर इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश किया और बड़ी मात्रा में एलपीजी सिलेंडर जब्त किए.
कोटपूतली-बहरोड़ के श्यामनगर स्थित झमिला वाली ढाणी में यह एजेंसी चल रही थी. इस सेटअप में किसी तरह का अधिकृत गोदाम नहीं था, बल्कि घर के भीतर ही भैंसों के तबेले को स्टोरेज के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.
रसद विभाग की टीम ने डीएसओ शशिशेखर शर्मा के नेतृत्व में कार्रवाई कर मौके से 106 भरे हुए और 95 खाली कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए. इसके अलावा एक गैस सिलेंडरों से भरी गाड़ी भी कब्जे में ली गई. जांच में सामने आया कि इन सिलेंडरों को अवैध रूप से भरकर ब्लैक में बेचा जा रहा था.
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कार्रवाई के दौरान एजेंसी का संचालक मदन सैनी मौके पर मौजूद मिला. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि एजेंसी का कोई वैध लाइसेंस या अधिकृत गोदाम नहीं है और पूरा संचालन घर से ही किया जा रहा था. अधिकारियों को जांच के दौरान यह भी पता चला कि एजेंसी के पास PESO (Petroleum and Explosives Safety Organization) का लाइसेंस और लेटर ऑफ इंडेंट भी नहीं था, जो गैस भंडारण और वितरण के लिए जरूरी होता है.
इस दौरान प्रवर्तन अधिकारी पुष्पेंद्र चौधरी और इंस्पेक्टर विश्राम गुर्जर टीम के साथ मौजूद रहे. डीएसओ शशिशेखर शर्मा ने बताया कि एलपीजी को लेकर सरकार की सख्त गाइडलाइन हैं. बिना लाइसेंस इस तरह का भंडारण करना नियमों का उल्लंघन है. सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और सिलेंडरों को जब्त किया. आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण कलेक्टर कोर्ट में पेश किया जाएगा.
अधिकारियों ने बताया कि एक भैंस के तबेले में गैस एजेंसी चल रही थी. इसकी सूचना मिलने पर जांच कराई गई. इस दौरान एजेंसी के पास कोई दस्तावेज नहीं मिला. दबिश दी गई तो एक सिलेंडर से भरी गाड़ी मिली, जिसे जब्त कर लिया गया. बिना कन्वर्जन के एक घर के अंदर भैंसों की तबेले में गैस एजेंसी संचालित मिली. लंबे समय से गैस एजेंसी चल रही है. इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी.
हिमांशु शर्मा