राजस्थान के करौली जिले से शिक्षक और छात्र के बीच मानवता की मिसाल पेश करने वाली एक कहानी सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर दिया है. यहां एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने अपने छोटे से छात्र की गरीबी और पारिवारिक दर्द को समझते हुए उसकी मदद की, जिसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
दरअसल यह मामला हिंडौन के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बमनपुरा का है. यहां क्लास वन में पढ़ने वाले छात्र राज की जिंदगी कम उम्र में ही मुश्किलों से घिर गई. उसने टीचर को बताया कि जब वह केवल एक साल का था तभी उसकी मां का निधन हो गया और करीब छह महीने पहले उसके पिता बनवारी की भी एक दुर्घटना में मौत हो गई.
छात्र की गरीबी सुनकर शिक्षक ने दिलाई नई ड्रेस
अब राज अपने दो बड़े भाई-बहनों और दादी के साथ बेहद साधारण परिस्थितियों में जीवन गुजार रहा है. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
एक दिन कक्षा में पढ़ाते समय टीचर शुभम शेरवाल ने देखा कि राज की पैंट फटी हुई है. उन्होंने बच्चे से पूछा कि वह नई पैंट क्यों नहीं पहनता. इस पर राज ने मासूमियत से जवाब दिया कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और जब पेंशन आएगी तब वह नई पैंट खरीदेगा.
फटी पैंट देखकर पिघला शिक्षक का दिल
बच्चे की यह बात सुनकर शिक्षक भावुक हो गए. अगले ही दिन उन्होंने अपने स्तर पर राज के लिए नई पैंट और शर्ट खरीदी और उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कई लोग इस बच्चे की मदद के लिए आगे आए.
वीडियो सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग की टीम और कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि स्कूल और बच्चे के घर पहुंचे. वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी बच्चे को पढ़ाई की सामग्री, कपड़े और खेलकूद का सामान भेंट किया.
स्कूल के अन्य शिक्षकों और स्टाफ ने भी शिक्षक शुभम शेरवाल की इस पहल की सराहना की है. शिक्षक ने राज को समझाया कि उसे पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और बड़ा होकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहिए.
गोपाल लाल माली