इंजेक्शन लगा, चीख गूंजी और थम गई सांसें... साध्वी प्रेम बाईसा मौत केस में हर कड़ी खंगाल रही SIT

जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अब विसरा रिपोर्ट पर टिका है. एसआईटी ने अब तक 30 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं और 40 कॉन्टैक्ट रडार पर हैं. जांच में इंजेक्शन लगाने वाले नर्सिंग कर्मी, आश्रम स्टाफ और रिश्तेदार शामिल हैं. इंजेक्शन का डीएनए टेस्ट कराया गया है.

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अब विसरा रिपोर्ट खोलेगी राज. (File Photo: ITG) अब विसरा रिपोर्ट खोलेगी राज. (File Photo: ITG)

अशोक शर्मा

  • जोधपुर,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:36 PM IST

राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है. 28 जनवरी को हुई साध्वी की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई साजिश है, इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिल पाया है. पूरे मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है और अब जांच की दिशा विसरा रिपोर्ट पर टिक गई है.

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अब तक इस केस में 30 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और करीब 40 लोगों के मोबाइल कॉन्टैक्ट SIT के रडार पर हैं. डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, सोशल मीडिया हैंडलर से लेकर रिश्तेदारों तक, हर कड़ी को जोड़कर जांच की जा रही है. साध्वी को लगाए गए इंजेक्शन का DNA टेस्ट भी कराया गया है.

यह भी पढ़ें: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का क्या है रहस्य? जल्द उठेगा पर्दा... एसआईटी करेगी जांच, जोधपुर कमिश्नर ने दिए आदेश

आश्रम में फिर पहुंची FSL टीम

रविवार सुबह एफएसएल की टीम एक बार फिर जोधपुर के बोरानाडा स्थित आरती नगर आश्रम पहुंची. टीम ने मौके से कुछ अहम सैंपल जुटाए. इसी दौरान पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान भी आश्रम पहुंचे. SIT प्रमुख छवि शर्मा ने जांच को लेकर टीम को जरूरी दिशा-निर्देश दिए.

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इसके बाद SIT ने साध्वी के पिता वीरमनाथ, मामा गंगाराम और आश्रम के केयरटेकर सुरेश से करीब तीन घंटे तक गहन पूछताछ की. SIT प्रमुख छवि शर्मा ने बताया कि कुछ अहम बिंदुओं पर दोबारा जानकारी ली गई है.

पिता और केयरटेकर से पूछताछ

साध्वी के पिता वीरमनाथ ने कहा कि पुलिस ने जो भी जानकारी मांगी, वह उन्होंने दे दी है. उनका मोबाइल पुलिस के पास है और फिलहाल उन्हें दोबारा नहीं बुलाया गया है. वीरमनाथ ने बताया कि प्रेम बाईसा को पहले हल्की खांसी की समस्या रहती थी. उन्होंने बेटी के लिए न्याय की मांग दोहराई.

सीसीटीवी को लेकर उन्होंने बताया कि आश्रम में वायरिंग पहले से थी, लेकिन कैमरे नहीं लगे थे. पूछताछ के बाद वे गांव के लिए रवाना हो गए.

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत

आश्रम के केयरटेकर सुरेश ने बताया कि घटना वाले दिन प्रेम बाईसा अजमेर से आई थीं. सुबह उनका गला खराब था और दोपहर में उन्होंने जुकाम के कारण काढ़ा पिया था. शाम करीब 5 बजे एक नर्सिंग कर्मी आश्रम आया और कमरे में जाकर इंजेक्शन लगाया.

सुरेश के मुताबिक, इंजेक्शन लगाने के चार-पांच मिनट बाद ही साध्वी की तेज चीख सुनाई दी. वह गेट तक आईं और फिर गिर पड़ीं. रास्ते में अस्पताल ले जाते समय वह बार-बार कह रही थीं-'पापा, मुझे न्याय दिला देना.' उन्होंने यह भी बताया कि उनके नाखून हरे पड़ रहे थे और सांसें अटक रही थीं.

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विसरा रिपोर्ट पर टिकी जांच

मामा गंगाराम ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी शाम करीब 7 बजे मिली. वे जयपुर से निकलकर रात 1:30 बजे जोधपुर पहुंचे. उन्हें बताया गया कि इंजेक्शन लगने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. उन्होंने कहा कि पिता और बेटी के रिश्ते अच्छे थे.

शुरुआती जांच में शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन इंजेक्शन का निशान पाया गया है. विसरा एफएसएल भेजा गया है. कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित से प्रारंभिक पूछताछ हो चुकी है और अब उसे नोटिस देकर विस्तृत जवाब मांगा गया है. पुलिस का कहना है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी.

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