Rajasthan: सैकड़ों साल पुराने मकान की खुदाई, निकली हनुमान जी की मूर्ति और मंदिर के अवशेष  

राजस्थान का पुष्कर शहर प्राचीन नगरी में शामिल है. यहां पर सृष्टि के रचयिता जगतपिता ब्रह्मा जी ने तपस्या की थी. पुष्कर में लगातार कई जगह प्राचीन मूर्तियां और मूर्तियों के अवशेष मिलते रहते हैं. इसी क्रम में यहां रिहायशी मकान की खुदाई में सैंड स्टोन से बनी हनुमान जी की खंडित मूर्ति और मंदिर के अवशेष निकले हैं.

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हनुमान जी की खंडित मूर्ति हनुमान जी की खंडित मूर्ति

aajtak.in

  • पुष्कर,
  • 29 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:57 PM IST

राजस्थान में मंदिरों की नगरी पुष्कर में रिहायशी मकान की खुदाई में सैंड स्टोन से बनी हनुमान जी की खंडित मूर्ति मिली है. साथ ही मंदिर के अवशेष भी निकले हैं. यह मकान एक सौ दस साल पुराना बताया जा रहा है और कपड़ा बाजार में स्थित है. मकान मालिक ने मूर्ति सहित सभी प्राचीन अवशेषों को सुरक्षित रखा है.

ब्रह्मा मंदिर के व्यवस्थापक और भू-अभिलेख निरीक्षक अरुण पाराशर ने बताया, "उनके पुराने मकान में पानी के हौज निर्माण के लिए खुदाई की जा रही थी. इसी दौरान करीब 6 फीट की गहराई में हनुमान जी की मूर्ति निकली. खुदाई के दौरान मूर्ति का एक हिस्सा टूट गया. मूर्ति करीब दो से ढाई फीट ऊंची है. इसके अलावा एक छोटा गुबंदनुमा पत्थर और दीपक भी निकला है." 

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अरुण ने आगे बताया, "यह तो पता नहीं चल सका है कि मूर्ति कितने साल पुरानी है और जमीन के अंदर कैसे पहुंची. मगर, लोगों का मानना है कि मुगल शासक औरंगजेब ने अपने शासन काल के दौरान पुष्कर में कई मंदिरों को ध्वस्त किया था. कपड़ा बाजार के पास भी केशव राव जी का प्राचीन मंदिर था. इसे भी मुगल सैनिकों ने ध्वस्त किया था."

पहले भी मिल चुकी है प्राचीन मूर्तियां

पुष्कर में पहले भी कई जगह प्राचीन मूर्तियां और मूर्तियों के अवशेष मिल चुके हैं. इसमें मुख्य रूप से सावित्री माता मार्ग के पास खुदाई में जैन संप्रदाय से जुड़ी दर्जनों मूर्तियां और अवशेष मिले थे. इसके अलावा वराह जी के मंदिर के पास भी मूर्तियां मिली थीं. इन्हें पुरातत्व विभाग के अजमेर स्थित संग्रहालय के अधीक्षक ने अपने कब्जे में ले लिया था. पुष्कर प्राचीन नगरी है. मान्यता है कि यहां पर ही सृष्टि रचयिता जगतपिता ब्रह्मा जी ने भी तपस्या की थी. 

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