45 डिग्री गर्मी में पानी के लिए पहाड़ चढ़ रहीं महिलाएं, चंबल किनारे बसे गांवों में बूंद-बूंद को तरसे लोग

राजस्थान के धौलपुर में भीषण गर्मी और जल संकट से लोग परेशान हैं. डांग इलाके के गांवों में महिलाएं 3 से 4 किलोमीटर दूर पहाड़ी पार कर कुओं से पानी ला रही हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चंबल नदी पास होने के बावजूद गांवों तक पानी नहीं पहुंचा. कई हैंडपंप खराब हैं और लोग टैंकरों व दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भर हैं.

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चंबल नदी पास, फिर भी गांव प्यासे.(Photo: Umesh Mishra/ITG) चंबल नदी पास, फिर भी गांव प्यासे.(Photo: Umesh Mishra/ITG)

उमेश मिश्रा

  • धौलपुर,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:50 PM IST

राजस्थान के धौलपुर जिले में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. जिले में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. गर्मी के बीच अब पेयजल संकट भी गहराने लगा है. हालात ऐसे हैं कि वन्य जीवों के साथ-साथ इंसानी जीवन पर भी संकट मंडराने लगा है. जिले के डांग इलाके के कई गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

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'आजतक' की टीम गुरुवार को बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र के डांग इलाके के गांव कांकरई पहुंची, जहां दोपहर की तेज धूप में महिलाएं सिर पर खाली बर्तन रखकर पहाड़ी रास्तों से गुजरती नजर आईं. ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्हें पानी भरने के लिए तीन से चार किलोमीटर दूर पहाड़ी पार कर कुएं तक जाना पड़ता है. उनका कहना है कि गांव में आजादी के बाद से ही पानी की समस्या बनी हुई है.

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महिलाओं ने बताया कि गर्मियों में गांव के कुएं सूख जाते हैं. ऐसे में टैंकरों से कुओं को भरवाया जाता है. ग्रामीणों के अनुसार गांव में दो पानी के टैंकर आते हैं, लेकिन उससे जरूरत पूरी नहीं होती और उन्हें पानी खरीदना पड़ता है.

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चंबल नदी पास, फिर भी गांव प्यासे

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी की टंकी तक नहीं बनी है. उनका आरोप है कि सरकारों ने इस इलाके की हमेशा अनदेखी की है. ग्रामीणों के मुताबिक नेता चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वापस नहीं लौटते.

गांव की महिलाओं ने बताया कि उनकी शादी को 30 से 50 साल हो चुके हैं, लेकिन पानी की समस्या आज भी वैसी ही बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि जिले में चंबल नदी होने के बावजूद गांव-ढाणियों तक चंबल का पानी नहीं पहुंच पाया है. इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो गया है.

ग्रामीणों ने कहा कि धौलपुर जिले के डांग इलाके के दर्जनों गांव आज भी तालाब और कुओं के सहारे हैं. हर साल गर्मियों में जल संकट गहराता है, लेकिन इसे खत्म करने के लिए अब तक कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई.

कई जगह हैंडपंप खराब, टैंकरों पर निर्भर लोग

ग्रामीणों ने बताया कि चंबल नदी से दूसरे जिलों में पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, लेकिन डांग इलाके की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा. जबकि यह क्षेत्र चंबल नदी से 10 से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

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वहीं, धौलपुर जिले के मांगरोल कस्बे में भी हालात खराब बने हुए हैं. यहां कई हैंडपंप खराब पड़े हैं और पानी की टंकियां होने के बावजूद लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

ग्रामीण महिला नत्थो देवी ने बताया कि करीब 9 दिन से नल नहीं आए हैं, जिसके चलते उन्हें दूर से पानी लाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि लगातार सिर पर पानी ढोने से उनके बाल तक झड़ गए हैं. वहीं घनश्याम शर्मा ने बताया कि 8 से 10 दिन से पानी नहीं आने के कारण उन्हें करीब 2 किलोमीटर दूर से टेंपो में ड्रम भरकर पानी लाना पड़ रहा है.

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