राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेजड़ी के पेड़ को काटने के खिलाफ कानून बनाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने इसे राजस्थान का कल्पवृक्ष और पहचान बताते हुए कहा कि खेजड़ी बढ़ते रेगिस्तान को रोकने में अहम भूमिका निभाता रहा है. मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए पहली बार सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों का दस्तावेज सदन के पटल पर रखा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने दो साल में पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल की तुलना में अधिक कार्य किए हैं.
मुख्यमंत्री ने सड़क, बिजली, पानी, कृषि, महिला और युवा कल्याण सहित कई क्षेत्रों में सरकार के कामों का तुलनात्मक ब्यौरा सदन के सामने रखा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अर्थव्यवस्था को केवल स्थिरता ही नहीं दी, बल्कि उसे गति और दिशा भी दी है.
खेजड़ी के पेड़ को काटने पर बनेगा सख्त कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रही है. इसी सोच के तहत खेजड़ी को संरक्षित रखने के लिए कानून लाया जाएगा, जिससे प्रदेश में इस पेड़ की रक्षा हो सके. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए हैं. सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का एकमात्र ध्येय जनकल्याण है. उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित तीन कर्तव्यों का उल्लेख किया. इनमें उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना, तथा सबका साथ सबका विकास के मूलमंत्र पर काम करना शामिल है. मुख्यमंत्री ने रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना, माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र और भारत की यूरोपियन यूनियन तथा अमेरिका के साथ ट्रेड डील्स के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया.
मुख्यमंत्री ने सदन में रखी दो साल की उपलब्धियों की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत ने विकास, विश्वास और आत्मसम्मान का नया इतिहास रचा है. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था 2014 में दुनिया में 11वें स्थान पर थी, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन और जापान की अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए भारत की अर्थव्यवस्था 4.18 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुकी है और दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी है.
मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण खजाना खाली, योजनाएं अधूरी और भरोसा टूटा हुआ था. पिछली सरकार ने प्रदेश को 5 लाख 79 हजार 781 करोड़ रुपये का कर्ज विरासत में दिया था. बड़े राज्यों की श्रेणी में पंजाब के बाद राजस्थान पर सबसे अधिक कर्ज था.
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राज्य सरकार के आर्थिक प्रबंधन, सामाजिक स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचारों, बेस्ट प्रैक्टिसेज और प्रशासनिक सुधारों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में राजस्व घाटा 38 हजार 954 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जिसे 2025-26 के बजट अनुमानों में 31 हजार 9 करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दो साल में ही राजस्व घाटे को करीब 8 हजार करोड़ रुपये कम करने में सफल रही है. मुख्यमंत्री के इस बयान के साथ ही खेजड़ी संरक्षण और सरकार की उपलब्धियों को लेकर सदन में चर्चा का माहौल बना रहा.
शरत कुमार