राजस्थान में बारां के शाहाबाद क्षेत्र के कलोनी गांव में चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने गई टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया. उग्र भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ पथराव किया, इससे सरकारी वाहनों के शीशे टूट गए. कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं. अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी.
प्रशासन की टीम पुलिस फोर्स के साथ कलोनी गांव में अवैध कब्जों को हटाने पहुंची थी. जैसे ही बुलडोजर चला, ग्रामीण एकजुट हो गए और विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते विरोध हिंसक हो गया. भीड़ ने टीम पर पत्थरों से हमला बोल दिया. अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
पथराव के दौरान पुलिस जवान को चोट आई. चोटिल हालत में उसे शाहाबाद अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार किया जा रहा है. पथराव से सरकारी वाहनों के कांच टूट गए. हमले के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई. हमले के बाद शाम करीब छह बजे कलोनी गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया. इस मामले में प्रशासन की ओर से केस दर्ज कराया गया है.
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सीओ शाहाबाद रिछपाल मीणा के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वीडियो के आधार पर देर रात करीब एक दर्जन उपद्रवियों को पकड़ लिया. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आस-पास के थानों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है. सीओ खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.
पुलिस प्राथमिक जांच और वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगों की सूची तैयार की गई है, जिन्होंने सरकारी गाड़ियों पर पत्थर बरसाए. सीओ ने बताया कि हमले में शामिल मुख्य आरोपियों सहित करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है. अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो दबिश दे रही हैं.
राम प्रसाद मेहता