'तूने तो एक दिन में फंसा लिया, मैडम के साथ चक्कर है क्या...' सर, ऐसे बात करते हैं हमारे प्रिंसिपल

राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ सरकारी महाविद्यालय में प्राचार्य पर महिला शिक्षकों और छात्राओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां करने तथा शोषण जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं. शिकायत के बाद जांच टीम कॉलेज पहुंची तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है, जबकि प्राचार्य ने आरोपों को साजिश बताते हुए खारिज किया है.

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कॉलेज प्रिंसिपल पर टीचर्स से अभद्रता का आरोप (Photo: itg) कॉलेज प्रिंसिपल पर टीचर्स से अभद्रता का आरोप (Photo: itg)

हिमांशु शर्मा

  • अलवर,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:32 PM IST

राजस्थान के अलवर जिले में शिक्षा का मंदिर शर्मसार हुआ है. जिले के गोविन्दगढ़ सरकारी महाविद्यालय में एक महिला स्टाफ की शिकायत के बाद मामले की जांच करने के लिए टीम पहुंची तो कॉलेज में चौंकाने वाले खुलासे हुए.

'तूने तो इसे एक दिन में फंसा लिया...'

जांच के दौरान सामने आया कि महाविद्यालय के प्राचार्य ने एक महिला लेक्चरर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए एक शिक्षक से कहा, 'तूने तो इसे एक दिन में फंसा लिया, मुझे तो कई महीने हो गए और यह तो मेरे घर के पास ही रहती है.' इस टिप्पणी को लेकर स्टाफ में नाराजगी भी जताई गई है. जांच टीम के सामने कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ महिला शिक्षक व स्टूडेंट के साथ शोषण करने व शर्मनाक हरकत करने सहित गंभीर आरोप लगाए हैं.

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अलवर जिले के गोविंदगढ़ का सरकारी कॉलेज लंबे समय से बदनाम हो रहा है. बीते दिनों यहां की एक शिक्षक ने प्रिंसिपल पर छेड़छाड़ व अभद्र टिप्पणी करने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी. इस पर जब विभाग के अधिकारियों की एक टीम जांच के लिए कॉलेज में पहुंची तो टीम के सामने प्रिंसिपल के खिलाफ चौंकाने वाले खुलासे हुए. उनको सुनकर सभी के होश उड़ गए.

'कुंवारा लड़का है, छेड़छाड़ कर ही देता है'

परीक्षा के दौरान एक शिक्षक द्वारा एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया. आरोप है कि जब इसकी शिकायत प्राचार्य से की गई तो कार्रवाई करने के बजाय उन्होंने कथित तौर पर कहा कि 'कुंवारा लड़का है, छेड़छाड़ कर ही देता है. अब नहीं करेगा तो कब करेगा.' इस कथित बयान को लेकर भी स्टाफ में रोष बताया जा रहा है. जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कॉलेज परिसर में एक शराबी व्यक्ति ने एक छात्र के साथ अभद्रता की. छात्र ने इसकी शिकायत प्राचार्य से की, लेकिन आरोप है कि शराबी को वहां से भगा दिया गया और छात्र को ही चुप रहने की नसीहत दी गई. बाद में छात्रा ने यह बात अपने परिजनों को बताई तो परिजन कॉलेज पहुंच गए और प्राचार्य से तीखा विवाद हो गया.

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'तेरा इस मैडम के साथ क्या चक्कर है'

जांच में पता चला कि एक छात्रा को उसका भाई रोज कॉलेज छोड़ने आता था, जिस पर प्राचार्य ने पूरी कक्षा के सामने टिप्पणी करते हुए कहा कि 'तेरे साथ ऐसा क्या हो गया, जो तेरा भाई तुझे छोड़ने आता है.' वहीं एक पुरुष लेक्चरर के किसी महिला लेक्चरर के साथ बैठने पर भी प्राचार्य द्वारा टिप्पणी करते हुए पूछा गया कि 'तेरा इस मैडम के साथ क्या चक्कर चल रहा है.' स्टाफ के कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया है कि महिला कर्मचारियों को काम के नाम पर छुट्टी के बाद भी कॉलेज में रोका जाता है. वहीं जिन छात्राओं ने चश्मा लगा रखा है, उन्हें 'बैटरी' और 'डबल बैटरी' जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता है. विरोध करने पर कार्रवाई की धमकी देने की भी बात सामने आई है.

'सीट से बैर अच्छा नहीं होता'

जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि जांच टीम के कॉलेज पहुंचने से पहले प्राचार्य ने स्टाफ को बुलाकर कहा था कि 'सीट से बैर अच्छा नहीं होता.' इस कथित टिप्पणी को लेकर भी कर्मचारियों में दबाव का माहौल होने की बात कही गई है. जांच रिपोर्ट में कई बड़े चौकाने वाले खुलासे हुए हैं. फिलहाल जांच टीम अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप चुकी है. अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इन गंभीर आरोपों को लेकर क्या कदम उठाता है और क्या महाविद्यालय के माहौल को सुधारने के लिए कोई ठोस कार्रवाई होती है.

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क्या बोले प्रिंसिपल?

इस संबंध में कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल प्रदीप ने बताया कि मेरे खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से गलत हैं. मैंने जांच कमेटी के सामने तथ्यात्मक व एविडेंस के साथ अपना पक्ष रखा है. कॉलेज का माहौल खराब करने के लिए मेरे खिलाफ ही साजिश हो रही है. क्योंकि मैंने स्टाफ को पूरे समय ड्यूटी पर रहने व नियमित क्लास लेने सहित अन्य चीजों के लिए पाबंद किया. इसके बाद यहां काम करने वाले कुछ लोगों को परेशानी होने लगी. इसलिए योजना बनाकर मेरे खिलाफ झूठी शिकायती दी गई है.

जांच अधिकारी का क्या है कहना

इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक टीम बनाई गई. इसकी जांच अधिकारी मीना गौतम ने शिकायत के आधार पर कॉलेज में पहुंची जांच टीम ने सभी तथ्यों की जांच की. इस दौरान वहां काम करने वाले स्टाफ शिक्षकों के बयान दर्ज किए. साथ ही स्टूडेंटों के भी बयान लिए गए. जांच रिपोर्ट निदेशक को भेज दी गई है. आगे जो भी फैसला लिया जाएगा वो मुख्यालय के हिसाब से लिया जाएगा.

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