राजस्थान में अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है. यहां ओसवाल स्कूल के पास एक माह की दुधमुंही बच्ची लावारिस हालत में पाई गई है. प्रारंभिक जांच में बच्ची के शारीरिक लक्षणों को देखते हुए अंदेशा जताया जा रहा है कि उसे कोई गंभीर बीमारी होने के कारण परिजनों ने उसे लावारिस छोड़ दिया.
जानकारी के अनुसार, ओसवाल स्कूल के पास राहगीरों ने एक बच्ची के रोने की आवाज सुनी. पास जाकर देखने पर कपड़ों में लिपटी एक मासूम मिली. सूचना मिलते ही दरगाह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तुरंत अपने संरक्षण में लिया. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति को सूचित किया.
बच्ची के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान यह पाया गया कि उसकी पीठ पर एक बड़ी गांठ है और सिर का आकार भी सामान्य से काफी बड़ा है. चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बच्ची किसी जन्मजात और गंभीर बीमारी से ग्रसित हो सकती है. संभवतः इलाज के डर या सामाजिक लोक-लाज के कारण निर्दयी परिजनों ने उसे सड़क किनारे छोड़ दिया.
उसे अजमेर के जेएलएन अस्पताल के शिशु विभाग में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने के प्रयास कर रही है. बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अंजली शर्मा ने बताया कि समिति बच्ची के स्वास्थ्य और देखरेख पर पूरी नजर रख रही है.
चंद्रशेखर शर्मा