प्यास बुझाने निकला था पैंथर, हाईवे पर अज्ञात वाहन बना काल, मौके पर ही हुई मौत

राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. कुचामन मेगा हाईवे पर एक युवा पैंथर (तेंदुआ) की सड़क हादसे में मौत ने अरावली की तलहटी में बसे गांवों में दहशत और शोक, दोनों का माहौल पैदा कर दिया है.

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वन्यजीवों के लिए खतरा बनता जा रहा हाईवे.(Photo:ITG) वन्यजीवों के लिए खतरा बनता जा रहा हाईवे.(Photo:ITG)

केशाराम गढ़वार

  • नागौर/कुचामन सिटी,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:09 PM IST

राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले में वन्यजीवों के लिए एक और दर्दनाक खबर सामने आई है. बुधवार रात करीब 11 बजे कुचामन शहर के मेगा हाईवे (किशनगढ़-हनुमानगढ़ बाईपास) पर भैंरू तालाब के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने एक युवा पैंथर को टक्कर मार दी. मौके पर ही निर्दयी मौत हो गई. यह हादसा इतना भीषण था कि क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग दहशत में हैं.

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स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पैंथर संभवतः भैंरू तालाब की ओर पानी पीने या शिकार की तलाश में आया था. अरावली की पहाड़ियों और आसपास के जंगलों से निकलकर यह मेगा हाईवे क्रॉस कर रहा था, तभी रात के अंधेरे में तेज रफ्तार से आ रहे अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. वाहन चालक मौके से फरार हो गया. हादसे के बाद सड़क पर खून और पैंथर का शव बिखरा मिला, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया.

पुलिस और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई 
सूचना मिलते ही कुचामन पुलिस थाने के एएसआई जगदीश दवे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचित किया. वन विभाग कुचामन सिटी के सहायक वनपाल ज्ञानाराम सोऊ अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मृत पैंथर के शव को कब्जे में ले लिया.

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वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पैंथर की उम्र करीब दो वर्ष थी यानी एक युवा और स्वस्थ तेंदुआ, जिसकी जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी. प्रारंभिक जांच में मौत का कारण वाहन की टक्कर ही सामने आया है. गुरुवार को पैंथर का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी.

तीन पैंथर की अफवाह 
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से अरावली पहाड़ियों और आसपास के जंगलों में तीन पैंथर के मूवमेंट की खबरें आ रही थीं. इस हादसे के बाद लोगों में डर का माहौल है. कई लोग रात में बाहर निकलने से कतराने लगे हैं. वन विभाग ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और वन्यजीवों की निगरानी तेज कर दी है.

वन्यजीवों के लिए खतरा बनता जा रहा हाईवे 
यह घटना राजस्थान में बढ़ते वन्यजीव-मानव संघर्ष और हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को एक बार फिर उजागर करती है. मेगा हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर वन्यजीवों के लिए अंडरपास या साइनेज बोर्ड लगाने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन अमल अभी तक नहीं हो पाया.

वन विभाग का बयान 
ज्ञानाराम सोऊ ने बताया, "यह दुखद घटना है. हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है ताकि अन्य वन्यजीव सुरक्षित रहें. लोगों से अपील है कि रात में सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव को देखने पर तुरंत सूचना दें."

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अब आगे क्या?
वन विभाग और पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है. अगर चालक पकड़ा गया तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी. यह घटना हमें याद दिलाती है कि विकास के नाम पर प्रकृति और उसके निवासियों की अनदेखी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है.

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