वैसे तो दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के सभी बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद से अलर्ट था लेकिन जब हरियाणा और पंजाब से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर से आने वाले किसानों को पुलिस ने बॉर्डर पर ही रोक दिया तो वो भड़क गए, उसके बाद दिल्ली चलो मार्च ने हिंसा का रूप ले लिया.