गर्मी की इस चिलचिलाती धूप में करीब 3 घंटे की खुदाई के बाद कुछ दांत, चंद इंसानी हड्डियां और एक अदद अंगूठी की सूरत में अहमदाबाद पुलिस को इस खंडहर से जो कुछ मिला, उसने पुलिस को करीब 34 साल पुरानी एक मर्डर मिस्ट्री को क्रैक करने के कुछ और करीब पहुंचा दिया. लेकिन फिर सवाल ये है कि आखिर ये लाश किसकी थी, जिसे 34 साल पहले यहां दफ्ना दिया गया था? उसे दफ्नाने वाले लोग कौन थे? इस कत्ल की वजह क्या थी? देखें वारदात.