अमेरिका और इजरायल ने सोचा था कि ईरान को घुटनों पर लाना चंद दिनों का खेल होगा. लेकिन 18वें दिन भी ईरान के पलटवार ने ट्रंप के पसीने छुड़ा दिए हैं. एक तरफ इजरायल का दावा है कि टॉप कमांडर अली लारीजानी मारा गया है, तो दूसरी तरफ मोजतबा खामेनेई ने दो टूक कह दिया है. सीजफायर मंजूर नहीं! खाड़ी के देश भी कह रहे हैं कि घायल ईरान और ज्यादा घातक हो सकता है, लिहाजा इस वक्त जंग को रोकना ठीक नहीं होगा. ऐसे में ये जंग अब 'एपिक फ्यूरी' नहीं बल्कि 'एपिक फियर' बनती जा रही है. होर्मुज बंद है, तेल की कीमतें आसमान पर हैं और खाड़ी के देश चाहते हैं कि अब आर-पार का फैसला हो ही जाए. क्या ये जंग दुनिया को महामंदी के मुहाने पर ले जाएगी? इस पर अपने तमाम मेहमानों के साथ करेंगे चर्चा लेकिन पहले ये रिपोर्ट देख लेते हैं.