आखिर उड़ते ताबूत में क्यों बदल रहे हैं. बीते साल अहमदाबाद में एअर इंडिया का प्लेन क्रैश में 241 यात्रियों की जान गई. 28 जनवरी को महाराष्ट्र डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया. अब झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत हो गई. चाहे यात्री विमान हो, चाहे प्राइवेट जेट हो या फिर एयर एंबुलेंस, विमान अलग लेकिन दर्दनांक अंत एक जैसा. तो क्या हवाई सफर की राह बहुत जोखिमभरी है या फिर एयरलाइन कंपनियां का सुरक्षा इंतजामों के साथ समझौता ऐसे क्रैश की वजह है. आखिर क्रैश के पीछे चौंकाने वाली सच्चाई क्या है?