राष्ट्रीय एकता दिवस पर पीएम मोदी ने केवड़िया से संबोधित करते हुए घुसपैठ को देश की एकता, संसाधनों और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया. उन्होंने पिछली सरकारों पर वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाते हुए हर घुसपैठिए को देश से बाहर निकालने का संकल्प लिया और 'हाई पावर डेमोग्राफी मिशन' शुरू करने की बात कही. इस बयान के बाद सियासी घमासान तेज हुआ, विपक्ष ने इसे बिहार और बंगाल चुनावों से पहले धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास बताया.