ओडिशा के गंजम जिले में वन विभाग ने काले हिरण (ब्लैकबक) के अवैध शिकार के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए. यह कार्रवाई जगन्नाथ प्रसाद फॉरेस्ट रेंज के केब्रिपल्ली गांव में की गई.
गुमुसर नॉर्थ डिवीजन के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर हिमांशु शेखर महांति ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान रवींद्र कुमार परिडा के रूप में हुई है. वन विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान करीब 30 किलोग्राम काले हिरण का मांस और उसके अन्य अंग बरामद किए हैं. यह जानवर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत शेड्यूल-I में सूचीबद्ध है.
काले हिरण की मौत, 30 किलो मांस बरामद
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जंगली सूअर को पकड़ने के लिए जंगल में लाइव वायर ट्रैप लगाया था, लेकिन उसी जाल की चपेट में आकर काला हिरण करंट लगने से मारा गया. वन अधिकारियों के मुताबिक, फुट पेट्रोलिंग के दौरान टीम ने देखा कि कम से कम पांच लोग पेड़ की डाल से काले हिरण को लटकाकर उसका मांस काटने और साफ करने में लगे थे.
वनकर्मियों को देखते ही चार आरोपी फरार हो गए, जबकि रवींद्र कुमार परिडा को रंगे हाथों पकड़ लिया गया. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है.
चार शिकारियों की तलाश जारी
अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में काले हिरण का एकमात्र प्राकृतिक आवास गंजम जिला है. स्थानीय लोग परंपरागत रूप से इस जानवर की रक्षा करते हैं और इसे सौभाग्य का प्रतीक मानते हैं.
ब्लैकबक प्रोटेक्शन कमेटी के अध्यक्ष अमूल्य उपाध्याय ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि काले हिरण के संरक्षण के लिए समुदाय और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों.
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