Exclusive: ट्विशा की मौत की रात का पूरा राज... पूछताछ में पति समर्थ ने क्या-क्या बताया?

समर्थ सिंह ने पुलिस पूछताछ में दावा किया कि पत्नी ट्विशा शर्मा के साथ रिश्ते शुरुआत में सामान्य थे, लेकिन प्रेग्नेंसी का पता चलने के बाद विवाद बढ़ने लगे. समर्थ 7 दिन की पुलिस रिमांड पर है. पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है. इस बीच सीबीआई ने भी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे पर लटकी मिली थी (File Photo- ITG) ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे पर लटकी मिली थी (File Photo- ITG)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:41 AM IST

भोपाल में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई ने कमान संभाल ली है. सोमवार को सीबीआई ने भोपाल पुलिस से केस डायरी और तमाम दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर नए सिरे से एफआईआर दर्ज की है. इस बड़े घटनाक्रम के बीच, भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस की 7 दिन की रिमांड में मौजूद ट्विशा के पति समर्थ सिंह से हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं.

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, समर्थ पूछताछ में ज्यादातर वही जवाब दे रहा है, जो शुरुआत से उसकी मां गिरीबाला सिंह कहती आई हैं. उसने पूरी घटना के पीछे ट्विशा के बदले हुए व्यवहार और उनके ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़े होने को वजह बताया है. समर्थ ने बताया कि शादी के बाद शुरुआती दिनों में उसके और ट्विशा के बीच रिश्ते पूरी तरह सामान्य थे. विवाद की शुरुआत 17 अप्रैल से हुई, जब ट्विशा को पता चला कि वह प्रेग्नेंट है. इसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया.

समर्थ ने पुलिस के सामने दावा किया कि ट्विशा अक्सर खुद के ग्लैमर वर्ल्ड (मॉडलिंग और एक्टिंग) से जुड़े होने की दुहाई देती थी. वह कहती थी कि वह एक साधारण घरेलू महिला वाली जिंदगी नहीं जी सकती और यह उसके लिए बेहद मुश्किल है. समर्थ के अनुसार, इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी होने लगी थी.

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बिना बताए दिल्ली जाने पर बढ़ा था तनाव

पूछताछ में समर्थ ने अप्रैल महीने की एक घटना का जिक्र करते हुए दोनों के बीच बढ़ती दूरियों की बात कही. समर्थ ने बताया, 'अप्रैल में हमें एक साथ बेंगलुरु जाना था. लेकिन ऐन वक्त पर ट्विशा ने जाने से मना कर दिया और कहा कि उसे अपने भाई के पास अजमेर जाना है.'

समर्थ के मुताबिक, वह अकेले बेंगलुरु चला गया और ट्विशा अजमेर के लिए निकल गई. लेकिन बाद में उसे पता चला कि ट्विशा अजमेर में सिर्फ एक दिन रुकी और उसे बिना बताए दिल्ली चली गई. इस बात को लेकर जब समर्थ ने आपत्ति जताई, तो दोनों के बीच विवाद और ज्यादा बढ़ गया.

12 मई की रात को क्या हुआ था?

ट्विशा की मौत वाली रात यानी 12 मई की कहानी बयां करते हुए समर्थ ने पुलिस को बताया कि उस दिन सब कुछ सामान्य दिख रहा था. उसने दावा किया कि रात को खाना खाने के बाद दोनों कुछ देर सोसाइटी के पार्क में टहले और फिर घर लौटकर टीवी देखने लगे.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक समर्थ ने दावा करते हुए कहा, 'कुछ देर बाद मैं सोने चला गया, जबकि ट्विशा नीचे जाकर अपने परिजनों से फोन पर बात करने लगी. देर रात मेरी मां गिरिबाला सिंह ने मुझे जगाया और कहा कि ट्विशा की मां का फोन आया था कि वह फोन नहीं उठा रही है.' 

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समर्थ के मुताबिक, जब दोनों ने घर में ट्विशा को ढूंढना शुरू किया, तो वह छत पर फंदे से लटकी मिली. समर्थ का दावा है कि उसने और उसकी मां ने मिलकर ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा, CPR दिया और तुरंत भोपाल AIIMS लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

घटना के बाद कहां छिप गया था समर्थ?

घटना के बाद फरार हुए समर्थ ने पुलिस को बताया कि वह एक हफ्ते से ज्यादा समय तक जबलपुर में छिपा रहा. पकड़े जाने के डर से उसने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके. समर्थ के इस कबूलनामे के बाद अब भोपाल पुलिस और सीबीआई के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि फरारी के दौरान जबलपुर में समर्थ को किसने पनाह दी और उसकी मदद की? हालांकि, समर्थ ने अपने मददगारों के नाम उगलने से इनकार कर दिया है.

गौरतलब है कि 33 वर्षीय मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया है कि ससुराल वालों ने उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उसे जान देनी पड़ी. भोपाल पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), 85 (क्रूरता) और 3(5) (साझा इरादा) के साथ दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. दूसरी तरफ, ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा को ड्रग्स की लत थी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद द्विशा का दिल्ली एम्स के जरिए दूसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया है.

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सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया संज्ञान

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सोमवार को सुनवाई की. अदालत ने कहा कि एक महिला की असामयिक मौत बेहद गंभीर विषय है और इसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले में अफवाहों और अटकलों से बचना चाहता है. अदालत ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बेटी को खोने का दर्द असहनीय होता है और अदालत परिवार की पीड़ा को समझती है.

सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं पर भी चिंता जताई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. अदालत ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जांच एजेंसियों को अत्यंत जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए.

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