मध्य प्रदेश में नए जिले बनाने की घोषणा के बाद देवास जिले के आदिवासी बहुल इलाके बागली को जिला बनाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है. बागली में पिछले एक महीने से धरना प्रदर्शन चल रहा है. अभियान समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों देवास पहुंचकर कलेक्टर ऋषभ गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर जन हुंकार रैली निकालने की जानकारी दी थी.
दरअसल, धरना प्रदर्शन के 31वें दिन शनिवार को 'बागली जिला बनाओ अभियान समिति' के आह्वान पर जन हुंकार रैली में 4 तहसीलों से जनसैलाब उमड़ा. रैली में बागली अंचल से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. कृषि उपज मंडी परिसर में सभा हुई. सबसे पहले वाग्योग चेतना पीठ के आचार्य कनिष्क द्विवेदी सहित 101 ब्राह्मण बटुकों ने मंगलाचरण कर शंखनाद और फिर सामूहिक वंदे मातरम गायन के साथ सभा की शुरुआत की.
रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी हुईं शामिल
सभा स्थल पर एसडीएम आनंद मालवीय को समिति के प्रमुख सदस्यों ने मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित जिले के सभी प्रस्ताव की प्रतिलिपि एवं 55वां ज्ञापन सौंपा है. रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं. इस दौरान महिलाओं ने जमकर नारेबाजी कर शिवराज से बागली को जिला बनाने की अपील की. लोगों का कहना है कि बागली क्षेत्र की जनता आरपार की लड़ाई को तैयार रहेगी.
'CM की घोषणा के बाद भी कार्यवाही न होना अपमानजनक'
अभियान समिति के प्रवक्ता एडवोकेट मुकेश कुमार गुर्जर ने कहा कि बागली क्षेत्र की जनता पिछले 14 वर्षों से एक ही मांग को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर है. बागली क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के साथ भौगोलिक दृष्टि सहित सर्वाधिक प्राकृतिक संपदा, राजस्व सहित जिले के सभी पैमानों पर खरा है. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी कार्यवाही शुरू नहीं होना क्षेत्र के लिए अपमानजनक है.
जिला नहीं बनने पर BJP को बहिष्कार की चेतावनी
इस दौरान भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष हुकम पटेल ने अपना समर्थन पत्र सौंपा. करणी सेना ने बागली जिला नहीं बनने पर बीजेपी के बहिष्कार की चेतावनी दी है. वहीं, मुस्लिम समाज के मौलाना ने कहा कि जब तक मकसद पूरा न हो, तब तक हमें डटे रहना है. बागली नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि कमल यादव ने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि बागली जिला बने. अगर जिला नहीं बनता है तो जनता के साथ मिलकर झंडे और डंडे छोड़ देंगे.
शकील खान