MP से गुजरात के लिए निकले 3 मासूम... बर्थडे में मिले रुपये रखे और बेरहम पिता से तंग आकर छोड़ा घर

बच्चों ने बताया कि उन्होंने अपने गिफ्ट में मिले रुपयों को इकट्ठा करके रखा था. वह अपने पिता से बहुत परेशान हो गए थे. पिता आए दिन नशे की हालात में उनके साथ मारपीट करते हैं. मां के साथ भी पिता का यही व्यवहार है. 

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बच्चों से बातचीत करता पुलिसकर्मी. बच्चों से बातचीत करता पुलिसकर्मी.

aajtak.in

  • रीवा ,
  • 04 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

MP News: रीवा में पिता की प्रताड़ना से तंग आकर 3 मासूम 3 बच्चों ने घर छोड़ दिया. बच्चे 25 किलोमीटर का सफर तय कर शहर पहुंचे और गुजरात जाने की तैयारी में थे. लेकिन आगे के सफर में जाते इससे पहले पुलिस पहुंच गई और समझा कर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया.

पूरा मामला इस तरह है कि शहर से 25 किलोमीटर दूर बैकुंठपुर थाना इलाके में रहने वाले 2 बहनें और 1 भाई पिता की प्रताड़ना से तंग आकर दादाजी के पास गुजरात जाने के लिए निकल पड़े थे. न तो दादा जी का पूरा पता था और न ही इनके पास रुपए. बैकुंठपुर से आटो में सवार होकर रीवा शहर आ गए. यहां से पैदल ही आगे के सफर में निकल पड़े. इसी बीच एक पत्रकार की नजर इन पर पड़ी और उसने पुलिस को खबर कर दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चो को समझाया और अपने साथ ले आई.
  
बच्चों ने बताया कि उन्होंने अपने गिफ्ट में मिले रुपयों को इकट्ठा करके रखा था. वह अपने पिता से बहुत परेशान हो गए थे. पिता आए दिन नशे की हालात में उनके साथ मारपीट करते हैं. मां के साथ भी पिता का यही व्यवहार है. 

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पिता के साथ उनकी बुआ भी मम्मी को आए दिन परेशान करती है. जिससे मम्मी अब अलग रहती हैं, जबकि वह पिता के साथ रहते हैं. उन्हें न तो पेटभर खाना मिलता और न ही प्यार. 

दरअसल, बच्चों के माता-पिता का मामला फैमिली कोर्ट में दर्ज है. मासूम बच्चों ने बताया कि पापा शराब के नशे में आए दिन हमें मारते हैं, इसलिए हमें गुजरात जाना है. हम दादा जी के पास रहेंगे, हमें पापा के पास नहीं जाना है.
 
रीवा एसपी विवेक सिंह ने बताया कि घर से निकले बच्चों की सूचना सही समय पर पुलिस को मिली. इसके चलते बच्चे सुरक्षित स्थान में पहुंचा दिए गए, नहीं तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी. बच्चों को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है. सीडब्ल्यूसी को इसकी जानकारी दी गई है. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बच्चों के बयान लिए हैं. परिवारवालों से बात करके बच्चों के उचित निराकरण को लेकर प्रयास शुरू किया है.  

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