'एक भी आरोप साबित हुआ तो सारी संपत्ति...' आरोपों पर हर्षा रिछारिया ने VIDEO जारी कर दी चुनौती

उज्जैन में संन्यास को लेकर विवाद गहरा गया है. स्वामी हर्षानंद गिरि ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक भी आरोप साबित हुआ तो संपत्ति समर्पित करेंगी, वरना 1 करोड़ की मानहानि का दावा करेंगी.

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हर्षा रिछारिया. (File Photo: ITG) हर्षा रिछारिया. (File Photo: ITG)

धर्मेंद्र साहू

  • भोपाल,
  • 26 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:57 PM IST

उज्जैन में संन्यास को लेकर उठे विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है. स्वामी हर्षानंद गिरि, जिन्हें पहले हर्षा रिछारिया के नाम से जाना जाता था, ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खुलकर जवाब देते हुए एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में उन्होंने न केवल सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि आरोप लगाने वालों को सीधी चुनौती भी दी है.

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हर्षानंद गिरि ने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में से एक भी साबित हो जाता है, तो वे अपनी पूरी संपत्ति समर्पित कर देंगी. वहीं, अगर सभी आरोप गलत साबित होते हैं, तो वे आरोप लगाने वालों के खिलाफ 1 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी बैंक डिटेल्स सार्वजनिक करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, ताकि किसी भी तरह के आर्थिक आरोपों की सच्चाई सामने आ सके.

दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब भोपाल की रहने वाली हर्षा रिछारिया ने अपना पिंडदान कर संन्यास ग्रहण करते हुए सनातन धर्म को पुनः अपनाने की घोषणा की. उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में उन्हें सुमनानंदजी महाराज द्वारा दीक्षा दी गई. इसके बाद वे स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाने लगीं.

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हालांकि, उनके इस संन्यास को संत समाज के एक वर्ग ने स्वीकार नहीं किया. अनिलानंद महाराज, जो मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष हैं, ने उनके संन्यास पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि संन्यास कोई साधारण प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह वर्षों की तपस्या, अनुशासन और साधना का परिणाम होता है. ऐसे में बार-बार संन्यास लेने जैसी घटनाएं सनातन परंपराओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं.

अनिलानंद महाराज ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण के पीछे विदेशी फंडिंग का हाथ हो सकता है और इसे प्रचार पाने के उद्देश्य से किया गया कदम बताया. उन्होंने अखाड़ा परिषद से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि परंपराओं के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके. वहीं, हर्षानंद गिरि ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है और कहा है कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं. उनका कहना है कि वे सनातन धर्म और उसकी परंपराओं का पूरी श्रद्धा के साथ पालन कर रही हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप केवल उनकी छवि खराब करने की कोशिश हैं.

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गौरतलब है कि हर्षा रिछारिया प्रयागराज महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई थीं और तब से वे लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. अब यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है, यह देखने वाली बात होगी. 

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