वैलेंटाइन-डे से तीन दिन पहले मध्य प्रदेश के सागर में शिवसैनिकों ने सिविल लाइन स्थित पहलवान बाबा मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ लट्ठ पूजन किया. कार्यकर्ताओं का कहना था कि इन लट्ठों में चमेली और सरसों का तेल पिलाया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर ये पूरी ताकत से बरसें. इसके बाद शहरभर में पोस्टर चस्पा किए गए. इन पर लिखा था- 'जहां मिलेंगे बिट्टू–सोना, तोड़ देंगे कोना–कोना.'
दरअसल, तीन दिन पहले अटल पार्क का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कुछ कपल सार्वजनिक स्थान पर हरकतें करते दिखाई दिए थे. इस वीडियो के बाद शहर में आक्रोश बढ़ गया. इसी को आधार बनाकर शिवसेना ने वैलेंटाइन डे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
आज सुबह सिविल लाइन स्थित पहलवान बाबा मंदिर में शिवसेना कार्यकर्ता इकट्ठा हुए. पंडित-पुरोहित की मौजूदगी में विधि-विधान से लट्ठों का पूजन किया गया. मंत्रोच्चारण के बीच लट्ठों पर चमेली और सरसों का तेल चढ़ाया गया. शिवसैनिकों का कहना था कि यह संस्कृति रक्षा का प्रतीक है.
यह भी पढ़ें: कर्नाटक में वैलेंटाइन डे का रंग होगा फीका, नंदी हिल्स बंद, जानें वजह
पूजन के बाद शिवसैनिकों ने पार्क, होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थलों के आसपास चेतावनी भरे पोस्टर लगा दिए. पार्क, होटल, धार्मिक स्थल पर पोस्टर लगे, लिखा था- जहां मिलेंगे बिट्टू-सोना, तोड़ देंगे कोना–कोना. इन पोस्टरों ने शहर में बहस छेड़ दी है. कुछ लोग इसे संस्कृति की रक्षा बता रहे हैं तो कई इसे डर फैलाने की कोशिश मान रहे हैं.
शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा कि 14 फरवरी वैलेंटाइन डे हमारी भारतीय परंपरा नहीं है. कुछ विकृत मानसिकता के युवक-युवतियां पाश्चात्य सभ्यता के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर अश्लीलता फैलाते हैं, जिसे शिवसेना कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. अगर 14 फरवरी को कोई प्रेमी युगल आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया तो मौके पर ही उनकी शादी कर दी जाएगी.
शिवसेना जिला प्रभारी विकास सिंह ने कहा कि हर साल शिवसेना अंग्रेजी सभ्यता वाले वैलेंटाइन डे के खिलाफ सड़क पर उतरती है. इस बार हमने प्रेम की आड़ में अश्लीलता फैलाने वालों को सबक सिखाने के लिए लट्ठों में सरसों का तेल पिलाया है.
उन्होंने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 14 फरवरी को फूहड़ या अश्लील कार्यक्रम आयोजित किए गए तो शिवसैनिक विरोध करेंगे. अगर इस दौरान तोड़फोड़ जैसी कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी संचालकों की होगी.
शिवसेना की इस धमकी के बाद अब सवाल यह है कि प्रशासन क्या कदम उठाएगा? क्या 14 फरवरी को पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ेगी? या फिर शहर में टकराव की स्थिति बनेगी? फिलहाल, वैलेंटाइन डे से पहले सागर में तेल पिलाए लट्ठ और आक्रामक पोस्टरबाजी ने माहौल को गर्म कर दिया है.
हिमांशु पुरोहित