गाय की अनोखी अंतिम यात्रा... ढोल-नगाड़े बजे, पटाखे फूटे और वैदिक मंत्रों के साथ दी गई विदाई

MP News: सीहोर जिले के लाचौर गांव में एक गाय 'राधा' की अनोखी अंतिम यात्रा निकाली गई. ढोल-नगाड़ों और पटाखों के साथ परिवार ने अपनी प्रिय गाय का वैदिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया.

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बैलगाड़ी पर निकाली गई गाय की शवयात्रा.(Photo:ITG) बैलगाड़ी पर निकाली गई गाय की शवयात्रा.(Photo:ITG)

नवेद जाफरी

  • सीहोर,
  • 03 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

MP News: सीहोर जिले के लाचौर गांव में आस्था और प्रेम का अनूठा संगम देखने को मिला. BJP नेता श्यामलाल मीणा के परिवार ने अपनी पालतू गाय  की मृत्यु होने पर उसका अंतिम संस्कार बिल्कुल किसी परिवार के सदस्य की तरह किया. पूरे गांव में यह अंतिम यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है.

भेरूंदा इलाके के लाचौर गांव निवासी भाजपा नेता श्यामलाल मीणा के घर गाय पिछले कई वर्षों से रह रही थी. परिवार के लोग उसे महज एक पशु नहीं, बल्कि अपने घर का अभिन्न हिस्सा मानते थे.

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जब राधा ने अंतिम सांस ली, तो घर में गम का माहौल छा गया. उसे अंतिम विदाई देने के लिए एक बैलगाड़ी को सजाया गया. शवयात्रा में ढोल-नगाड़े बजाए गए और पटाखे फोड़कर उसे सम्मान दिया गया.

गाय का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया. ग्रामीणों ने भी इस शवयात्रा में शामिल होकर गौ-माता को श्रद्धांजलि अर्पित की.

परिवार के सदस्यों का कहना है कि गाय से उनका विशेष लगाव था. सालों तक साथ रहने के कारण वह घर के बच्चों और बड़ों सभी की चहेती थी. यही कारण है कि उसकी विदाई को यादगार बनाने के लिए परिवार ने इसे एक उत्सव की तरह मनाया ताकि समाज में गौ-सेवा और जीव दया का संदेश जा सके.

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