मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बनने वाले अयोध्या नगर बाईपास प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला आया है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए 7871 पेड़ों की कटाई गैर-कानूनी नहीं है, क्योंकि इसे केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति से मंजूरी मिल चुकी है.
यह ग्रीन बॉडी भोपाल में प्रस्तावित आसाराम तिराहा से रत्नागिरी तिराहा अयोध्या बाईपास प्रोजेक्ट के लिए पेड़ काटने के नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिका में पेड़ों की गैर जरूरी कटाई से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग पर विचार करके प्रोजेक्ट को रद्द करने की मांग की गई थी.
प्रोजेक्ट का स्वरूप और महत्व
यह 16.5 किमी का सड़क-विकास प्रोजेक्ट NH-46 और NH-146 को आपस में जोड़ता है. यह 'राष्ट्रीय महत्व' का गलियारा है जो भोपाल से ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और विदिशा जैसे शहरों के बीच यात्रा समय को काफी कम कर देगा.
1 के बदले लगेंगे 10 पौधे
ट्रिब्यूनल ने विकास के साथ हरियाली को बचाने के लिए '1:10' का फॉर्मूला अनिवार्य किया है. कुल 7 हजार 871 पेड़ों को काटा जाएगा. पहले यह संख्या 9 हजार 946 थी. NHAI को इन पेड़ों के बदले 80 हजार नए पौधे लगाने और उनका रखरखाव करने का निर्देश दिया गया है.
क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के काम की अगले 15 साल तक एक तकनीकी समिति समय-समय पर निगरानी करेगी. इसमें वन विभाग, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य शामिल होंगे.
ब्लैकस्पॉट्स का खात्मा और ट्रैफिक से राहत
सड़क सुरक्षा की लिहाज से यह प्रोजेक्ट अहम माना जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, इससे शहर के तीन सबसे खतरनाक एक्सीडेंट ब्लैकस्पॉट्स खत्म हो जाएंगे:-
बेस्ट-प्राइस जंक्शन
पीपल्स मॉल जंक्शन
रत्नागिरी तिराहा
इसके अलावा, यह प्रोजेक्ट भारी कमर्शियल ट्रैफिक को शहर के बाहर ही सीमित कर देगा, जिससे भोपाल शहर के अंदर सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम में बड़ी कमी आएगी.
NGT के प्रमुख निर्देश और शर्तें
- प्रोजेक्ट को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरा करना होगा.
- ट्रिब्यूनल ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पिछले 5 वर्षों में जमा किए गए वनीकरण कोष (CAMPA) के उपयोग और पेड़ों के जीवित रहने की दर की रिपोर्ट मांगी है.
- अगर कटाई के दौरान कोई दुर्लभ या संकटग्रस्त प्रजाति का पेड़ मिलता है, तो उसे काटा नहीं जाएगा बल्कि प्रतिस्थापित किया जाएगा.
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