MP के बैतूल में ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी फटी, दिव्यांग शिक्षक की जिंदा जलकर मौत

मध्य प्रदेश के बैतूल के सरनी नगर में ई ट्राइसाइकिल की बैटरी फटने से 30 साल के दिव्यांग शिक्षक की दर्दनाक मौत हो गई. जय स्तंभ चौक के पास बैटरी में ब्लास्ट हो गया और आग लग गई. इस दौरान ई ट्राइसाइकिल पर सवार शिक्षक बाहर नहीं निकल सके. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Advertisement
बैटरी फटने से हुआ धमाका. (Photo: Representational) बैटरी फटने से हुआ धमाका. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • बैतूल,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:43 AM IST

मध्य प्रदेश के बैतूल में दर्दनाक हादसा हो गया. यहां ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी फटने से 30 साल के दिव्यांग शिक्षक की जिंदा जलकर मौत हो गई. घटना सरनी नगर के जय स्तंभ चौक के पास की है. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वाहन की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है.

एजेंसी के अनुसार, मृतक की पहचान सुनील कुमार लोखंडे उर्फ गुड्डू के रूप में हुई है. वह दिव्यांग थे और ट्यूशन क्लास से जीवनयापन करते थे. पुलिस के अनुसार, सुनील अपनी बैटरी से चलने वाली ई-ट्राइसाइकिल पर सवार थे, तभी अचानक बैटरी में जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते वाहन में आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला.

Advertisement

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. एक दुकानदार ने आग बुझाने के लिए पानी डालने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक आग काफी भड़क चुकी थी. लपटों के कारण कोई भी व्यक्ति पास नहीं जा सका और सुनील को बचाया नहीं जा सका. सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची.

यह भी पढ़ें: Noida: इनवर्टर की बैटरी फटने से फ्लैट में लगी आग, घरों से बाहर निकले आसपास के लोग

सरनी थाना प्रभारी ए.के. पार्टेटी ने बताया कि ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी फटने से आग लगी, जिससे सवार व्यक्ति की मौत हो गई. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. प्रारंभिक जांच में बैटरी ब्लास्ट से आग लगने की बात सामने आई है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता तकनीकी जांच के बाद ही चलेगा.

परिजनों ने बताया कि सुनील को करीब ढाई साल पहले सरकारी योजना के तहत बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल मिली थी. अब तक इसमें कोई बड़ी खराबी सामने नहीं आई थी. सुनील के भाई राजेश ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान गंभीर बीमारी के कारण सुनील की चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हो गई थी. करीब 15 साल से वह दिव्यांग जीवन जी रहे थे और अविवाहित थे. पुलिस का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement