मध्य प्रदेश के अशोक नगर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेफेड्रोन (एमडी ड्रग) बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में एक स्थानीय उद्योगपति और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में तैयार ड्रग, लिक्विड केमिकल और कच्चा माल बरामद किया है.
एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई. सूचना मिली थी कि कद्राना गांव के एक मकान में सिंथेटिक ड्रग मेफेड्रोन तैयार की जा रही है. इसके बाद पुलिस टीम ने छापा मारा. छापे के दौरान घर के अंदर अवैध ड्रग निर्माण यूनिट संचालित होती मिली. तलाशी में 1.28 किलो ठोस मेफेड्रोन, 2.58 किलो लिक्विड मेफेड्रोन और करीब 45 किलो केमिकल बरामद किया गया.
डीआईजी महेश चंद जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में 31 वर्षीय उद्योगपति प्रियांशु जैन और उसका सहयोगी 38 वर्षीय राघवेंद्र सिंह परमार शामिल हैं. प्रियांशु जैन चंदेरी का रहने वाला है. वह पिछले कुछ समय से कारोबार में भारी नुकसान के चलते कानूनी परेशानियों का सामना कर रहा था. पुलिस जांच में सामने आया कि ड्रग निर्माण की यह यूनिट उसके सहयोगी के घर से संचालित की जा रही थी.
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पुलिस को प्रियांशु जैन के पास से एक पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस भी मिले हैं. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने मेफेड्रोन बनाना ऑनलाइन माध्यम से सीखा था. ड्रग तैयार करने के लिए जरूरी केमिकल वे अक्सर इंदौर से लाते थे. इसी आवाजाही और खरीद की सूचना पुलिस को मुखबिर से मिली, जिसके आधार पर यह कार्रवाई हो सकी.
मेफेड्रोन, जिसे आम बोलचाल में 'म्याऊं-म्याऊं' भी कहा जाता है, एक खतरनाक सिंथेटिक नशा है, जो युवाओं और किशोरों में तेजी से फैल रहा है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार ड्रग की सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं. मामले में विस्तृत जांच जारी है.
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