खरगोन में 150 तोतों की मौत से हड़कंप, 72 घंटे के भीतर जमीन पर लग गया मरे पक्षियों का ढेर; विसरा रिपोर्ट का इंतजार

Khargone Parrot Death News: खरगोन जिले के बड़वाह में नर्मदा नदी के किनारे पिछले 72 घंटों में करीब 150 तोतों की अचानक मौत से वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है.

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नर्मदा किनारे तोतों की 'खामोश' मौत.(Photo:ITG) नर्मदा किनारे तोतों की 'खामोश' मौत.(Photo:ITG)

उमेश रेवलिया

  • खरगोन,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST

मध्य प्रदेश के खरगोन में नर्मदा नदी के किनारे अज्ञात कारणों से करीब 150 तोते की मौत से हड़कंप मच गया है. मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया जा रहा. प्रशासनिक अमला जांच के लिए पहुंचा है. पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है.

जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर बड़वाह का यह मामला है. नर्मदा नदी पर बने एक्वाडक्ट पुल के पास पिछले तीन दिनों में कारीब 150 तोतों की मौत के बाद इलाके में सनसनी फैली हुई है. 100 से अधिक तोतों की मौत के बाद शवों के पोस्टमार्टम के बाद पशु चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि इनकी मौत बर्ड फ्लू से नहीं, बल्कि 'फूड पॉइजनिंग' (विषाक्त भोजन) और गलत खान-पान के कारण हुई है.

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पिछले 72 घंटों में पुल के पास करीब 150 तोते मृत मिले हैं, जो बेहद चिंताजनक है. रेस्क्यू के दौरान कुछ तोते जिंदा भी मिले थे, लेकिन फूड पॉइजनिंग का असर इतना गहरा था कि कुछ ही देर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया.

कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश के बाद पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक जीएस सोलंकी नर्मदा नदी के पास बने एक्वाडक्ट पुल पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया. इस दौरान उन्होंने एक पेड़ पर दो तोते मृत अवस्था में भी देखे. संचालक ने वन विभाग के एसडीओ से मोबाइल पर चर्चा की है.

सोलंकी ने स्पष्ट किया कि मामला बर्ड फ्लू या संक्रामक बीमारी का नहीं, बल्कि फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है. विभाग में तोतों की मौत को लेकर विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है. विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण साफ होगा.

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विसरा रिपोर्ट का इंतजार

पशु चिकित्सा विभाग उपसंचालक डॉ जीएस सोलंकी का कहना है, ''मौके का निरीक्षण किया गया है. इसमें ये पाया गया है कि पशु प्रेमी चावल, मिक्चर वगैरह तोतों को खिलाते हैं, इसी से तोते फूड प्वाइजन के शिकार हुए हैं. हमने तोतों का विसरा लिया है. ये विसरा जबलपुर और भोपाल ले भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद और भी अच्छे से स्पष्ट होगा कि इतनी संख्या में तोते की मौत का कारण क्या है?''

फूड पॉइजनिंग के लक्षण

बड़वाह में पदस्थ पशु चिकित्सक डॉ. मनीषा चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान मृत तोतों में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण मिले है. उन्होंने कहा कि कई बार लोग पक्षियों को खाने में ऐसी चीजें डाल देते हैं जो उनके पाचन तंत्र के लिए उपयुक्त नहीं होतीं. इसके अलावा, पक्षी अक्सर खेतों में कीटनाशक छिड़काव के बाद वहां से दाना चुग लेते हैं, जो जानलेवा साबित होता है. पोस्टमार्टम के दौरान तोतों के पेट में चावल और छोटे पत्थरों, कंकड़ के अंश मिले हैं. जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से खाने में गड़बड़ी का है. इनमें बर्ड फ्लू जैसे कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं.

पक्षी प्रेमियों और विशेषज्ञों की अपील

वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट टोनी शर्मा ने आशंका जताई है कि पुल पर आने वाले लोगों का डाला गया गलत भोजन इसका कारण बना है. इस दुखद घटना के बाद स्थानीय पक्षी प्रेमियों ने आम जनता से अपील कि है कि पक्षियों को सेवा भाव से दाना जरूर डालें, लेकिन उन्हें केवल अन्न के कच्चे दाने जैसे ज्वार, बाजरा, गेहूं ही दें. पका हुआ खाद्य पदार्थ, मसालेदार भोजन या बचा हुआ खाना पक्षियों को न डालें, क्योंकि यह उनके लिए जहर समान हो सकता है.

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