इंदौर मामले में रील बनाकर बुरा फंसा इन्फ्लुएंसर... BJP सांसद से मांगनी पड़ी माफी; क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया है केस

Indore water tragedy: इंदौर के इन्फ्लुएंसर जतिन शुक्ला ने सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक रील बनाने पर माफी मांगी है. क्राइम ब्रांच ने भ्रामक जानकारी और अपशब्दों के इस्तेमाल पर जतिन के खिलाफ FIR दर्ज की थी.

Advertisement
इन्फ्लुएंसर जतिन शुक्ला ने सांसद शंकर लालवानी पर की थी अभद्र टिप्पणी.(Photo:Screengrab) इन्फ्लुएंसर जतिन शुक्ला ने सांसद शंकर लालवानी पर की थी अभद्र टिप्पणी.(Photo:Screengrab)

aajtak.in

  • इंदौर,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:41 PM IST

इंदौर की भागीरथपुरा जल त्रासदी पर रील बनाना एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के लिए मुसीबत बन गया. इंस्टाग्राम पर अपनी रील में इंदौर सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने वाले जतिन शुक्ला के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद, उन्होंने एक वीडियो जारी कर क्षमायाचना की है.

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जतिन शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के जरिए माफी मांगी.

Advertisement

वीडियो में शुक्ला ने कहा कि इंदौर पीने के पानी की त्रासदी पर रील बनाते समय, उसने जानकारी की कमी और गलती से सांसद लालवानी के खिलाफ कुछ अपशब्दों का इस्तेमाल किया, लेकिन उसका इरादा स्थानीय सांसद को बदनाम करने या उनका अपमान करने का नहीं था.

इन्फ्लुएंसर आगे ने कहा, "मेरे शब्दों से सांसद की भावनाओं को ठेस पहुंची है. इसके लिए, मैं सांसद और आप सभी से माफी मांगता हूं." देखें VIDEO:- 

एडिशनल डीसीपी राजेश डंडोतिया ने कहा कि सांसद के प्रतिनिधि विशाल गिडवानी की शिकायत पर 30 जनवरी को क्राइम ब्रांच में शुक्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
 
पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी फैलाने पर कानूनी प्रतिबंध लगाए हैं और इन्फ्लुएंसर ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है.

बता दें कि दिसंबर के आखिर में भागीरथपुरा में दूषित पीने के पानी से उल्टी और दस्त का प्रकोप हुआ था। कांग्रेस के अनुसार, इस प्रकोप में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है.

Advertisement

राज्य सरकार ने  27 जनवरी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ को सौंपी गई 'डेथ ऑडिट' रिपोर्ट में कहा गया था कि भागीरथपुरा में 16 मौतें दूषित पीने के पानी से होने वाली उल्टी और दस्त के प्रकोप से जुड़ी हो सकती हैं.

अदालत ने दूषित पीने के पानी के मामले में न्यायिक जांच का आदेश दिया है और हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement