इंदौर में तेज बुखार से पीड़ित एक शख्स की मौत के एक साल से भी ज्यादा समय बाद फर्जी एलोपैथी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मृतक की पत्नी की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि स्थानीय निवासी आरती पलवार ने 'जन सुनवाई' में शिकायत की थी कि उनके पति श्याम पलवार की 22 मई 2024 को प्रदीप पटेल नामक व्यक्ति द्वारा इलाज किए जाने के बाद मृत्यु हो गई थी. महिला की शिकायत के बाद जाँच शुरू की गई.
अधिकारी ने बताया कि जांच में पाया गया कि शहर के हवा बंगला इलाके में स्थित पटेल का क्लिनिक नियमों के अनुसार रजिस्टर्ड नहीं था और उसके पास एलोपैथी दवाओं से मरीजों का इलाज करने के लिए उचित डिग्री भी नहीं थी.
हसानी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर पटेल के खिलाफ मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम और मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा संस्थान (नियंत्रण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है.
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि महिला की शिकायत के अनुसार, उसका पति तेज़ बुखार का इलाज कराने पटेल के क्लिनिक गया था.
उन्होंने बताया कि पटेल एक मेडिकल स्टोर के साथ-साथ क्लिनिक भी चला रहा था. अधिकारी ने बताया कि यह भी पता चला है कि पटेल के पास फार्मेसी और इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की डिग्री है.
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