MP News: आसमान से गिरे ओलों ने ग्वालियर के कछुआ गांव के किसानों की साल भर की मेहनत को मिट्टी में मिला दिया, लेकिन जब मरहम लगाने प्रशासन पहुंचा, तो वहां सहानुभूति के बजाय 'अहंकार' की दीवार खड़ी हो गई. नायब तहसीलदार पूजा मावई और किसानों के बीच हुई तीखी बहस ने व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
किसानों का आरोप है कि नायब तहसीलदार खेतों में जाकर नुकसान देखने के बजाय गांव से ही औपचारिक खानापूर्ति कर लौटना चाहती थीं.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी से उतरते ही मैडम ने किसानों को किनारे हटने को कहा. जब किसानों ने अपनी पीड़ा बतानी चाही, तो जवाब मिला, '' साइड हो जाओ...साइड हो जाओ... मुझसे बात करने का ये कोई तरीका है?''
वीडियो में साफ दिख रहा है कि उम्रदराज किसान अपनी फसल दिखाने के लिए विनती कर रहे थे, लेकिन संवादहीनता इतनी बढ़ी कि किसानों ने कह दिया, ''तो आप वापस जाओ, हमें नहीं कराना सर्वे." देखें VIDEO:-
मामला बिगड़ता देख भितरवार SDM राजीव समाधिया खुद कछुआ गांव पहुंचे. उन्होंने न केवल नाराज किसानों को शांत किया, बल्कि नायब तहसीलदार को साथ लेकर खेतों के बीच पहुंचे और सर्वे शुरू करवाया.
SDM ने वीडियो जारी कर कहा कि कलेक्टर के निर्देशानुसार सर्वे टीम फील्ड में है. किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, विधिवत सर्वे के बाद शासन के नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा दिलाया जाएगा.
सर्वेश पुरोहित