पुलिस खोजती रही, लिफ्ट में सड़ती रही लाश... 11 दिन बाद मिला बुजुर्ग का शव, ऐसे खुला मौत का राज

भोपाल के मिसरोद इलाके की चिनार ड्रीम सिटी सोसाइटी में 77 वर्षीय बुजुर्ग प्रीतम गिरी गोस्वामी का शव 10–11 दिन तक लिफ्ट डक्ट में फंसा रहा. इस दौरान परिजन और पुलिस बाहर तलाश करते रहे. लिफ्ट से बदबू आने पर टेक्नीशियन ने शव देखा. परिजनों ने सोसाइटी प्रबंधन और बिल्डर पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

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 सोसाइटी प्रबंधन और बिल्डर पर लापरवाही का आरोप.(Photo: Representational)  सोसाइटी प्रबंधन और बिल्डर पर लापरवाही का आरोप.(Photo: Representational)

धर्मेंद्र साहू / रवीश पाल सिंह

  • भोपाल,
  • 18 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:24 PM IST

भोपाल की एक हाई-फाई सोसाइटी से सामने आई यह घटना सिस्टम और सोसाइटी प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है. मिसरोद इलाके की चिनार ड्रीम सिटी सोसाइटी में 77 वर्षीय प्रीतम गिरी गोस्वामी की मौत के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया. बुजुर्ग का शव करीब 10 से 11 दिनों तक लिफ्ट के डक्ट में फंसा रहा, जबकि परिजन और पुलिस उन्हें बाहर तलाशते रहे.

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दरअसल, यह मामला 7 जनवरी का है, जब प्रीतम गिरी गोस्वामी रोज की तरह धूप सेंकने के लिए घर से निकले थे. वह अपने बेटे धर्मेंद्र गोस्वामी के साथ फ्लैट नंबर D-304 में रहते थे. लेकिन इसके बाद जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई और मिसरोद थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

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पुलिस तलाश करती रही, लिफ्ट में छिपा रहा सच

गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने बुजुर्ग की तलाश शुरू की, लेकिन कई दिनों तक उनका कोई सुराग नहीं मिला. दिन बीतते गए और परिवार लगातार परेशान होता रहा. इस बीच सोसाइटी में किसी को अंदाजा भी नहीं था कि बुजुर्ग का शव उसी इमारत में लिफ्ट के नीचे फंसा हुआ है.

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शनिवार रात अचानक सोसाइटी की लिफ्ट से तेज बदबू आने लगी. रहवासियों को शक हुआ तो उन्होंने लिफ्ट टेक्नीशियन को बुलाया. जैसे ही टेक्नीशियन लिफ्ट डक्ट में उतरा, वहां का मंजर देखकर वह सन्न रह गया. डक्ट के नीचे बुजुर्ग का शव पड़ा हुआ था.

बुरी हालत में मिला शव

लिफ्ट के नीचे मिलने पर पता चला कि शव बुरी तरह कुचल चुका था. करीब 10 दिन पुराने शव के गल जाने के कारण उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी. तत्काल पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और एफआईआर दर्ज कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि 7 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज की गई थी. अब शव मिलने के बाद मर्ग कायम कर लिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

मेंटेनेंस के नाम पर वसूली, सुरक्षा नदारद

मृतक के परिजनों और सोसाइटी के लोगों का आरोप है कि लिफ्ट पहले से ही खराब थी. इसकी शिकायत कई बार सोसाइटी प्रबंधन से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. सोसाइटी में हर महीने 1500 रुपये मेंटेनेंस चार्ज लिया जाता है, इसके बावजूद न तो लिफ्ट की मरम्मत हुई और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया गया.

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परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते लिफ्ट का सही तरीके से मेंटेनेंस किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था. लिफ्ट की खराबी ने एक बुजुर्ग की जान ले ली.

परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग

मृतक के बेटे धर्मेंद्र गोस्वामी ने साफ तौर पर इसे बिल्डर और सोसाइटी प्रबंधन की लापरवाही बताया है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही यह भी कहा कि सभी खराब लिफ्टों को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े.

यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उन सोसाइटी प्रबंधन और बिल्डरों पर बड़ा सवाल है, जो मेंटेनेंस के नाम पर पैसे तो लेते हैं, लेकिन रहवासियों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं.

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