'चाय से ज्यादा केतली गर्म...', धीरेंद्र शास्त्री ने भरे मंच से चेलों को लताड़ा, बोले- 'माल-पानी' के लिए जुड़े हैं, सबका पर्चा खोल दूंगा

Dhirendra shastri angry video: छतरपुर के बागेश्वर धाम में एक बार फिर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का सख्त और बेबाक अंदाज देखने को मिला है. इस बार उनके निशाने पर कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उनके अपने ही 'सेवादार' और 'चेले' रहे.

Advertisement
बागेश्वर महाराज ने चेलों की नीयत पर उठाए सवाल.(Photo:Screengrab) बागेश्वर महाराज ने चेलों की नीयत पर उठाए सवाल.(Photo:Screengrab)

लोकेश चौरसिया

  • छतरपुर,
  • 10 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:37 PM IST

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने कड़े और साफगोई के लिए जाने जाते हैं. लेकिन हाल ही में दिव्य दरबार के दौरान उन्होंने जो कहा, उसने सबको चौंका दिया. महाराज ने मंच से ही अपने सेवादारों को आड़े हाथों लेते हुए उनके चरित्र और व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े किए.

महाराज ने एक प्रसिद्ध मुहावरे का जिक्र करते हुए कहा कि यहां "चाय से ज्यादा केतली गर्म हो रही है". उनका इशारा उन सेवादारों की ओर था जो गुरु की शक्ति और रसूख का इस्तेमाल कर खुद को सर्वेसर्वा समझने लगे हैं. उन्होंने कहा कि गुरु के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों से संबंधों का हवाला देकर सेवादार भक्तों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं और अहंकार दिखा रहे हैं.

Advertisement

सेवादारों की 'मंशा' पर कड़ा प्रहार
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बेहद तल्ख लहजे में सेवादारों की नीयत पर हमला बोला. उन्होंने कहा, कई युवा यहां सेवा के भाव से नहीं, बल्कि 'माल-पानी' (पैसा) और 'लौंडियाबाजी' (महिलाओं से मेल-जोल) के उद्देश्य से जुड़े हैं. 

उन्होंने कहा कि स्वाभाविक है कि बच्चे-बच्चियां बागेश्चवर धाम आते हैं, वो सब बालाजी के कारण खिंचे चले आते हैं. अब उनको मिलना तो हमसे है, तो वो तरीका अपनाते हैं. और कुछ बच्चियां भी और कुछ माताएं भी बड़ी विचित्र होती हैं कि उनसे हमसे मिलने के लिए वो चेलों के पास जाती हैं. लेकिन यहां कुछ बहुरूपिए भी रहते हैं. 

धीरेंद्र शास्त्री ने चेतावनी दी, "मुझे सबका सच पता है. मैं चाहूं तो अपने चेलों का भी पर्चा खोल सकता हूं, लेकिन समय का इंतजार कर रहा हूं."

Advertisement

बागेश्वर धाम के पंडित आगे बोले, " सेवादार सरलता सीखने के बजाय केवल गुरु के 'भौकाल' का हिस्सा बनना चाहते हैं. इनकी नजर सेवा से ज्यादा भौकाल पर रहती है. भक्तों के साथ बदतमीजी करोगे, तो यहां रहने की कोई जगह नहीं है." देखें VIDEO:-  

धाम की व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत
महाराज ने स्वीकार किया कि धाम के सेवादारों का रवैया 'घटिया' हो चुका है और अब यहां की व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भक्तों को धक्का देना और उनके साथ गाली-गलौज करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. फिलहाल सबको एक साथ इसलिए नहीं हटाया जा रहा है क्योंकि धाम की सेवा बाधित होगी, लेकिन धीरे-धीरे इन पर गाज गिरना तय है.
---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement