क्लाइमेट चेंज अब फीचर डेस्क की चीज बनकर रह गई है: नीलेश मिसरा

राइटर और स्टोरी टेलर नीलेश मिसरा ने साहित्य आजतक के दूसरे सत्र में शिरकत की. इस दौरान नीलेश ने तमाम मुद्दों पर बात की.

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 नीलेश मिश्रा नीलेश मिश्रा

महेन्द्र गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 10 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 8:58 PM IST

राइटर और स्टोरी टेलर नीलेश मिसरा ने साहित्य आजतक के दूसरे सत्र में शिरकत की. इस दौरान नीलेश ने तमाम मुद्दों पर बात की. साथ ही अपने गीत और कहानियों से दर्शकों को भाव-विभोर किया.

नीलेश मिसरा ने राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कहा, 'अब ऐसा समय आ गया है, जब हम किसी एक्शन को जज नहीं करते. ये एक्शन किसने किया है, इस आधार पर उसे जज करते हैं. इस कारण हम एक हर्ट मेंटेलिटी में आ गए हैं. यदि वो ए पॉलिटिशियन ने किया है तो हम उसका समर्थन करेंगे और बी ने किया है तो विरोध करेंगे. हमें मुद्दों की बहुत जानकारी भी नहीं होती. जैसे उदाहरण के तौर पर जीएसटी आ गया, मोदी जी ने किया है और मैं मोदी समर्थक हूं तो सपोर्ट करूंगा. यदि मैं विरोधी हूं तो जीएसटी बकवास है.

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मीडिया को ये जिम्मेदारी निभानी चाहिए कि वह मुद्दों को समझाए. आजकल इंफॉर्मेशन की काफी कमी है. क्लाइमेट चेंज पर हमें फिल्म बनानी पड़ी. हम आने वाली पीढ़ी के लिए क्लाइमेट चेंज समझा नहीं पाए. क्लाइमेट चेंज आजकल फीचर डेस्क की चीज बनकर रह गई है. अब देखिए वही क्लाइमेट चेंज आज की हेडलाइन बन गई.

नीलेश गांव कनेक्शन अखबार निकाल रहे हैं. वे सोचते हैं कि यही एक दिन मैन स्ट्रीम बनेगा. वे चाहते हैं कि वे बड़े प्लेटफाॅर्म के साथ जुड़ें. बकौल नीलेश, मेरे अंदर बहुत कुछ भरा पड़ा है. मैंने दुनिया को अपने सामने बदलते देखा है, नेपाल को जैसे मैंने अपनी आंखों के आगे बदलते देखा. इसलिए मैं इस सब पर लिखना चाहता हूं.' नीलेश ने इस मौके पर अपनी कहानियां भी दर्शकों को सुनाई.

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