लखनऊ के शहर में इन दिनों साहित्य का महाकुंभ 'साहित्य आजतक 2026' का माहौल है. देशभर के साहित्यकार, कवि और फिल्मी सितारे इस इवेंट में शामिल हो रहे हैं. आज 15 फरवरी के दिन बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने शिरकत की, जहां उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म 'अस्सी' को लेकर खुलकर बात की.
क्यों तापसी ने कहा फिल्म 'अस्सी' को हां?
तापसी ने अपनी आने वाली फिल्म 'अस्सी' को लेकर बात की, जिसके लिए उन्होंने बताया कि वो क्यों ये फिल्म करने के लिए राजी हुईं. एक्ट्रेस ने कहा, 'मेरी पैदाइश दिल्ली की है. मैं वहां की पली-बढ़ी हूं. मैंने एक फिल्म पिंक की थी, जो कोर्ट रूम ड्रामा थी. जिसमें लड़कियों के कंसेंट यानी इजाजत की बात उठाई गई थी. उसमें हमारी आवाज अमिताभ बच्चन बने थे. मुझे ऐसा लग रहा है कि अब अस्सी की कहानी वहां से आगे बढ़ती है.'
तापसी ने आगे महिलाओं के साथ रेप होने पर भी कुछ गंभीर बातें की. उन्होंने बताया कि जो 80 महिलाओं के साथ रेप का रिपोर्टेड आंकड़ा है, वो सालभर में काफी ज्यादा हो जाता है. अगर कोई सोचकर देखे तो एक साल में ये आंकड़ा काफी ज्यादा हो जाता है. एक्ट्रेस ने कहा कि वो इस फिल्म से यही दिखाना चाहती हैं कि जब किसी महिला के साथ ऐसा हादसा होता है, तो आखिर में उसपर क्या बीतती है.
उन्होंने रेप करने वालों की सोच पर भी सवाल उठाए, क्योंकि उन रेप अपराधियों में 10-13 साल के भी लड़के शामिल हैं. ऐसे में तापसी का कहना है कि ये सिर्फ कोर्ट की बात नहीं है. तापसी के मुताबिक, अब इस मुद्दे पर बात करनी जरूरी है ताकि इन आकंड़ों को बढ़ने ना दिया जाए और समाज की सोच को बदला जाए.
'थप्पड़' में अपने किरदार पर बोलीं तापसी
तापसी ने आगे अपनी एक और फिल्म 'थप्पड़' पर बात की, जिसमें वो अपने पति के एक थप्पड़ के कारण उससे लड़ जाती है. उनका किरदार पति पर केस करती है कि वो उसे थप्पड़ नहीं मार सकता. अपने किरदार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो सिर्फ एक थप्पड़ नहीं था.
वो एक ट्रिगर था, जिससे समाज की सोच बदली जा सके. तापसी के मुताबिक, अगर ऐसा पहले हुआ होता तो बात आज शायद 'अस्सी' तक नहीं पहुंचती. लेकिन वो अब कोशिश कर रहे हैं कि थोड़ा बदलाव आए, समाज में बातचीत शुरू हो.
डायरेक्टर अनुभव सिन्हा संग काम करने का एक्सपीरियंस
तापसी ने अनुभव सिन्हा संग लगातार काम पर भी बात की. उन्होंने कहा कि लोगों को उनकी जोड़ी से उम्मीद रहती है कि वो अब अगली बार नया क्या लेकर आएंगे. जिसे एक्ट्रेस एक अच्छी चीज मानती हैं. तापसी ने बताया कि वो और अनुभव एक जैसी सोच वाले है, जिससे उनकी ट्यूनिंग काफी अच्छी मैच हो जाती है.
तापसी ने इसी दौरान फिल्मों के ट्रेंड पर भी बात की. उनके मुताबिक, जो चीजें आज चल रही हैं वो उसे पहले कर चुकी हैं. एक्ट्रेस ने स्पाई और रोमांटिक फिल्में पहले की, जिसका अब ट्रेंड चल रहा है. उनके मुताबिक अब वो वैसी फिल्में नहीं करेंगी, क्योंकि वो बहती गंगा में हाथ नहीं धोना चाहेंगी. उन्हें हर बार कुछ अलग करना है.
तापसी ने सुनाई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की सच्चाई
तापसी ने ओटीटी के कारण आए बदलाव पर बात की. उनका कहना है कि आजकल ऑडियंस समझदार हो गई है. वो पहले से फैसला कर लेती है कि उसे कौनसी फिल्म थिएटर में और ओटीटी पर देखनी है. इससे ओटीटी की ताकत बढ़ गई है. वो अब थिएटर की ऑडियंस को अपनी तरफ खींचने के लिए तरह-तरह के पैंतरे अपना रहे हैं. वो अब थिएटर वाले सिनेमा की डिमांड करते हैं.
तापसी ने आगे बताया कि अगर कंटेंट बेस्ड सिनेमा थिएटर में नहीं चला, तो ओटीटी भी उसे नहीं खरीदता. उन्होंने ऑडियंस से कहा कि वो अगर ऐसी फिल्में नहीं देखेंगे, तो उन्हें बॉलीवुड की कहानियों का स्तर गिरने जैसी शिकायत नहीं करनी चाहिए. एक्ट्रेस ने कहा कि ऑडियंस को अच्छे सिनेमा को देखने की बहुत जरूरत है, तभी जाकर वो वर्ल्ड सिनेमा से कंपीट कर सकते हैं. वरना हर शुक्रवार एक जैसी फिल्में आती दिखेंगी.
तापसी ने ओटीटी के बदले हुए प्लान पर भी बात की. वो बताती हैं कि अब ओटीटी मसाला फिल्मों की मांग करता है. अगर किसी फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अच्छा नहीं होता, तो वो उसे नहीं खरीदती.
'पिंक' फिल्म पर क्या बोलीं तापसी?
तापसी ने आगे अपनी सबसे पॉपुलर कोर्ट रूम ड्रामा फिल्म 'पिंक' पर भी बात की. उन्होंने बताया कि वो फिल्म तब की ऑडियंस के लिए काफी नई थी. उसका मुद्दा काफी बोल्ड था, जिसपर अमिताभ बच्चन समेत फिल्म के मेकर्स पर पैसा लगाने को राजी हुए. एक्ट्रेस ने कहा कि वो भी इस फिल्म को तुरंत करने के लिए राजी हुईं. उन्होंने फिल्म की सक्सेस का क्रेडिट ऑडियंस को भी दिया जिन्होंने उस वक्त फिल्म के टॉपिक को स्वीकार किया. तापसी ने कहा कि उन्हें 'अस्सी' से भी यही उम्मीद है.
क्यों ज्यादा कमर्शियल फिल्में नहीं करती तापसी पन्नू?
तापसी ने आगे कम कमर्शियल फिल्में करने का भी कारण बताया. उन्होंने बताया कि ऐसी फिल्मों के सेट पर माहौल काफी अलग होता है. वहां आपको रोज ऐसा एहसास दिलाया जाता है कि उनकी जरूरत सिर्फ बतौर एक्ट्रेस है, और कुछ नहीं. इसलिए वो 'मुल्क', 'थप्पड़', 'अस्सी' जैसी कंटेंट वाली फिल्में ज्यादा करती हैं क्योंकि वो उन्हें खुशी दिलाती है.
एक्ट्रेस ने आगे इंडस्ट्री में टॉप एक्ट्रेसेज की लिस्ट पर भी बात की. उनका कहना है कि ये एक फेयर चीज नहीं है. तापसी ने इसे एक रेस की तरह समझाया, जिसमें उन्होंने बताया कि वो अलग तरह की रेस में भाग रही हैं, जबकि बाकी लोग अलग आसान रेस में भाग रहे हैं. इसलिए तुलना फेयर तरीके से नहीं होती. इसलिए उन्होंने अपने आप को बॉक्स ऑफिस नंबर्स से भी दूर किया क्योंकि वो चीज उन्हें काफी प्रभावित करती थी.
कम स्क्रीन टाइम से इनसिक्योर होती हैं तापसी?
बॉलीवुड में अक्सर कहा जाता है कि एक्टर्स अपने स्क्रीन टाइम को लेकर इनसिक्योर होते हैं. मगर तापसी के मुताबिक, उन्हें कभी-कभी कम स्क्रीन टाइम से कोई परेशानी नहीं. क्योंकि जब कोई लीड में होता है, तो पूरी जिम्मेदारी उस एक्टर पर आ जाती है जो काफी थकान वाला काम है. तापसी ने आगे उन फिल्मों का जिक्र किया जिसमें उन्होंने सिर्फ छोटे रोल्स किए, लेकिन उससे उनका दमदार असर लोगों पर दिखा. तापसी ने 'बेबी', 'सूरमा', 'खेल खेल में' जैसी फिल्मों का नाम लिया.
एक्ट्रेस ने ये भी बताया कि ऐसी फिल्में करके उन्हें आगे और भी अटेंशन मिली. उन्होंने 'नाम शबाना' फिल्म का नाम लिया जिससे उन्हें काफी सफलता मिली. ये उनकी फिल्म 'बेबी' का स्पिन-ऑफ थी, जिसमें तापसी ने लीड किया.
'अस्सी' से क्या बदलाव चाह रही हैं तापसी?
जाते-जाते तापसी ने अपनी फिल्म 'अस्सी' से बदलाव की उम्मीद पर बात की. उन्होंने कहा कि ये फिल्म देखकर वो उम्मीद करती हैं कि रेप आंकड़ों में थोड़ी कमी आए. हालांकि ये फर्क रातों-रात नहीं आएगा. लेकिन जैसे ही घरेलू लेवल पर बातचीत शुरू होगी, उस आंकड़े में कमी आएगी. वो चाहती हैं कि लोग आगे आने वाली पीढ़ी में संस्कार के बीज बोए, और महिलाओं को थोड़ा और सुरक्षित महसूस हो.
aajtak.in