पेन किलर लेना हो सकता है बांझपन का कारण

बाजार में खुलेआम बिकने वाली इन दवाइयों का प्रचार कुछ इस तरह किया जाता है जैसे इन्हें लेने से कोई नुकसान हो ही नहीं सकता. पर ये सच नहीं है. खासतौर पर उन लोगों के लिए जो फैमिली प्लान कर रहे हैं.

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बांझपन का कारण हो सकती हैं ये गोलियां बांझपन का कारण हो सकती हैं ये गोलियां

भूमिका राय

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2016,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST

आधुनिक दवाइयों ने लोगों की जिंदगी को काफी हद तक आसान बना दिया है. ब्लड प्रेशर की गोली, फर्स्ट एड सॉल्यूशन और दूसरी कई दवाओं ने लोगों को स्वस्थ जीवन देने का काम किया है. इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इन दवाइयों ने हमारी जिंदगी को पहले की तुलना में काफी आसान कर दिया है.

एक ओर जहां इन दवाइयों के ढ़ेरों फायदे हैं वहीं इनके कुछ साइड-इफेक्ट्स भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. जब हम कोई दवा लेते हैं तो वो लेकिन दूसरे अंगों पर इसक बुरा असर पड़ सकता है.

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ऐसा खासतौर पर तब होता है जब हम कोई एक ही दवा बहुत अधिक मात्रा में लेते हैं. इसके अलावा खुद ही डॉक्टर बनकर कोई भी दवा ले लेने की हमारी आदत भी सेहत के साथ खिलवाड़ ही है.

तीन-चार बीमारियां तो ऐसी हैं जिनके लिए हम डॉक्टर के पास जाते ही नहीं हैं और खुद ही सारा इलाज कर लेते हैं. सिर दर्द हुआ तो हम तुरंत ही एक-दो पेन किलर निगल लेते हैं. पीठ दर्द में भी हम कुछ ऐसा ही करते हैं.

बाजार में खुलेआम बिकने वाली इन दवाइयों का प्रचार कुछ इस तरह किया जाता है जैसे इन्हें लेने से कोई नुकसान हो ही नहीं सकता. पर ये सच नहीं है. खासतौर पर उन लोगों के लिए जो फैमिली प्लान कर रहे हैं.

बहुत अधिक मात्रा में पेन किलर लेना महिलाओं के लिए खतरनाक होता है. इससे बांझपन तक की शिकायत हो सकती है. एक स्टडी के मुताबिक, पेन किलर में दो एक्ट‍िव कंपाउंड ibuprofen और diphenhydramine होते हैं. अगर आप बहुत अधिक मात्रा में पेन किलर लेती हैं तो इससे आपके गर्भ धारण करने की संभावना 75 फीसदी तक घट जाती है.

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इन कंपाउंड्स का हर महिला पर अलग असर होता है. साथ ही इसका असर महिला की उम्र पर भी निर्भर करता है. पेन किलर में पाए जाने वाले कंपाउंड्स ओव्युलेशन साइकिल को प्रभावित करते हैं. इनका प्रभाव स्थायी हो जाता है.

अगर आप वाकई चाहती हैं कि आपको गर्भधारण करने में कोई दिक्कत न हो तो आज से ही इन दवाइयों में कटौती करना शुरू कर दें. इन दवाइयों के बजाय घरेलू उपायों को वरीयता दें.

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