बाहुबली 2 की कमाई, किरदार, कहानी, फिल्मांकन, दृश्य आदि की आपने काफी तारीफ पढ़ी-सुनी होगी अब तक. फिल्म कमाई के नए रिकॉर्ड तोड़ रही है, ये भी आपको पता होगा. पर हम आपको आज फिल्म के एक अनछुए पहलू के बारे में बता रहे हैं. जी हां, बात होगी देवसेना की.
इस फिल्म के प्रमुख किरदारों में से एक है देवसेना. वो जितनी खूबसूरत है, उतनी ही जांबांज भी. एक ऐसी लड़की, जो हर मायनों में परफेक्ट है. फेमिनिस्ट भी और संस्कारी भी. आइए जानें देवसेना की वो 5 बातें जो आपको बड़े पर्दे पर जाकर देखनी चाहिए.
1. देवसेना जितनी खूबसूरत है उतनी ही जांबांज भी है. फिल्म में उसकी एंट्री ही तलवार चलाते होती है. देवसेना महिला का वो रूप है, जिसे आप आदर्श कह सकते हैं. हर लड़की को देवसेना की भांति खुद को मल्टि-टेलेंटेड होने पर ध्यान देना चाहिए.
2. देवसेना जब विवाह का प्रस्ताव ठुकराती है तो उसकी आत्म निर्भरता और आत्मसम्मान झलकता है. उसे सोने से भरे थाल पसंद नहीं, बल्कि गरिमा प्रिय है. ये किसी भी लड़की को सेल्फ रिस्पेक्ट की सीख देती है.
3. देवसेना को जिससे प्यार है, उसका खुलकर इजहार है. माहिष्मती के दरबार में भी वो खुलकर कहती है उसे अपना पति चुनने का अधिकार है. इसके लिए वो किसी की परवाह नहीं करती. यहां तक कि एक क्षत्रिय लड़की को वर चुनने के अधिकारों के बारे में वो मां शिवगामी तक को बताती है. इससे अवेयरनेस की सीख मिलती है.
4. देवसेना को अपने प्यार पर पूरा यकीन है. वो हर हालत में अमरेंद्र बाहुबली का साथ निभाती है. चाहे उसका वक्त बुरा हो या अच्छा, हर समय में वो उसके साथ दिखती है. एक लड़की के लिए ये संस्कारों की सीख है.
5. मंदिर जाते समय सेनापति के खराब व्यवहार को वो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती. महिलाओं के शोषण के खिलाफ वो इतनी बुलंद है कि कटारी से सेनापति की अंगुलियां तक काट देती है. यह दिखाता है कि समय कोई भी हो, शोषण के खिलाफ वो कतई बर्दाश्त नहीं करेगी.