चिकनगुनिया का वायरस एक बार फिर से दस्तक दे चुका है और हर गली-मोहल्ले में इस से संक्रमित लोग देखने को मिल जाएंगे. अगर आप अभी तक इस बीमारी से बचे हुए हैं और आगे भी बचे रहना चाहते हैं तो इस बीमारी और इसके लक्षणों के बारे में जान लेने में ही आपकी भलाई है...
क्या है चिकनगुनिया?
चिकनगुनिया वायरल बुखार है, लेकिन जानलेवा बुखार नहीं है. यह से होता है. यह विषाणु ठीक उसी लक्षण वाली बीमारी पैदा करता है जिस प्रकार की स्थिति डेंगू रोग में होती है.
चिकनगुनिया के लक्षण...
- चिकनगुनिया लंबे समय तक चलने रोग है जिसमें जोड़ों में दर्द होता है.
- ये रोग 5 से 7 दिन तक रहता है लेकिन इसकी वजह से जोड़ों का दर्द महीनों या हफ्तों तक बना रहता है.
- अभी इस बुखार का कहर सितंबर और अक्टूबर तक जारी बना रह सकता हैं.
- इस बीमारी में पूरे शरीर की हड्डियों में असहनीय दर्द होता हैं और तेज बुखार आता हैं.
- शरीर के कई हिस्सों सहित हाथों और पैरों पर चकते बनने लगते हैं.
सिरदर्द, रोशनी से डर लगना, आंखों में समस्या होना, कमजोरी आना और नींद ना आने जैसी शिकायतें होने लगती हैं.
चिकनगुनिया से कैसे करें बचाव...
- इस बुखार के शुरुआत में सिर्फ डॉक्टर सिर्फ पैरासिटामोल लेने की सलाह देते हैं लेकिन किसी भी दवा को खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
- घर में कहीं भी पानी को स्टोर करके न रखें और अगर ऐसा करना भी पड़े तो पानी को ढककर रखें.
- घर और घर के आसपास मच्छर मारने वाली
- कूलरों की समय-समय पर सफाई करते रहें. सप्ताह में एक दिन कूलर को सूखा रहने दें.
- रात में सोते समय मॉसकीटो रिपेलेंट और नेट का इस्तेमाल करें और पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखें.
- इसमें कोई शक नहीं कि ये एक संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होता है इसी वजह से वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाता है. ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टर की सलाह से समय-समय पर टीकें लगवाएं.
- बच्चों की इस मौसम में खास देखभाल करें.
वन्दना यादव / प्रियंका सिंह