50 फीसदी लोगों में होता है बोन फ्रैक्चर का खतरा, जानें वजह

जानिए, किन लोगों में अधिक होता है हड्डी टूटने का खतरा और क्या है इसकी वजह...

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 4:27 PM IST

बुजुर्गों या उम्र बढ़ने के साथ ही हड्डियों का कमजोर होना यानी ऑस्टियोपोरोसिस एक आम समस्या है, जिससे उनके टूटने/ फ्रैक्चर की संभावना बढ़ जाती है. विशेष रूप से कूल्हे, रीढ़ की हड्डी और कलाई की हड्डी में की संभावना अधिक होती है. ऐसी स्थिति में जरा-सी चोट लगने या कहीं टकराने पर भी टूट सकती है.

हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि ऑस्टियोपोसिस के कारण हड्डी टूटने की संभावना 50 फीसदी लोगों में होती है, जबकि स्तन कैंसर की संभावना 9 फीसदी लोगों में और दिल की बीमारियों की संभावना 31 फीसदी लोगों में होती है. ऑस्टियोपोसिस के कारण हड्डी टूटना एक बड़ी समस्या है, जो अक्सर उम्र बढ़ने के साथ गंभीर होती जाती है.

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ऑस्टियोपोरोसिस के कारणों के बारे में बताते हुए हेल्थ एक्सपर्ट ने कहा, 'ऐसी कई हैं जो ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकती हैं. जैसे कॉर्टिकोस्टेरॉयड, एंटी-डीप्रेसेन्ट, एंटी-हाइपरटेंसिव, एंटी-कॉन्वलसेंट आदि. इसलिए इन दवाओं का सेवन डॉक्टर की निगरानी में ही करना चाहिए. इसके अलावा स्ट्रोक, हाइपरथॉयराइडिज्म आदिके लिए ली जाने वाली दवाओं से भी ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना बढ़ जाती है.'

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, 'जिस व्यक्ति की पहले कभी हड्डी टूटी हो, भविष्य में उसमें ऑस्टियोपोरोसिस के कारण फ्रैक्चर की संभावना ज्यादा होती है. डिप्रेशन भी कभी-कभी ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकता है, क्योंकि डिप्रेशन से एक हॉर्मोन कॉर्टिसोल बनता है, जो हड्डियों से मिनरल्स को सोख कर उन्हें कमजोर बनाता है.'

हेल्थ एक्सपर्ट  ने सुझाव देते हुए कहा, 'सैर और योगा करने से न केवल मांसपेशियां मजबूत होती हैं, बल्कि शरीर में कैल्शियम का संतुलन भी बना रहता है. लेकिन अगर आपकी हड्डियां कमजोर हैं तो जॉगिंग, ट्रेडमिल औरजैसे व्यायाम आपके लिए सुरक्षित नहीं हैं.'

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उन्होंने कहा, इसके अलावा कैल्शियम और विटामिन डी दोनों ही हड्डियों के लिए बहुत जरूरी हैं. हड्डी के मरीजों को रोजाना 1200 मिलीग्राम कैल्शियम का सेवन करना चाहिए. एक व्यक्ति को 700 मिलीग्राम कैल्शियम अपने आहार से मिल जाता है. इसलिए 500 मिलीग्राम कैल्शियम सप्लीमेंट के रूप में लिया जा सकता है.

डेयरी उत्पादों जैसे दूध, चीज, योगर्ट, हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकोली, सॉफ्ट बोन फिश  में कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है. इसके अलावा विटामिन डी भी बहुत जरूरी है. यह कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है. फोर्टीफाईड आहार, नमकीनमें रहने वाली मछली और लिवर में विटामिन डी भरपूर मात्रा में होता है.

ऑस्टियोपोरोसिस पुरुषों और महिलाओं दोनों में हो सकता है. लेकिन महिलाओं में मीनोपॉज के बाद इसकी संभावना अधिक होती है. ऑस्टियोपोरोसिस अक्सर 55 साल के बाद महिलाओं को होता है. हालांकि पुरुषों में 65 साल की उम्र के बाद इसकी संभावना बढ़ जाती है.

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