दो लोगों के बीच जब एक स्वस्थ बातचीत होती है तो इससे उनके बीच का संबंध और मजबूत बनता है. बातचीत एक-दूसरे को समझने का जरिया है. बातों-बातों में ही हम यह जान पाते हैं कि सामने वाले को क्या पसंद है और क्या नहीं.
पर यह बेहद जरूरी है कि दो लोगों के बीच होने वाली बातचीत स्वस्थ और स्पष्ट हो. अगर दो लोगों के बीच होने वाली बातचीत में किसी भी तरह की समस्या है तो बेहतर यही होता है कि उसे फौरन सुलझा लिया जाए. कई बार ऐसा होता है कि बातचीत के दौरान उभरी समस्या इतनी बड़ी नहीं होती है लेकिन वक्त रहते अगर इसे संभाला न जाए तो यह काफी बड़ी बन जाती है.
अगर आपके रिश्ते में भी आ गई है कुछ ऐसी परेशानी तो इन सुझावों पर दे सकते हैं ध्यान:
1. कई बार छोटी-छोटी बातें ही बड़ी बन जाती हैं. यह जानना जरूरी है कि आखिर आप दोनों के बीच में ऐसी कौन सी बात हुई थी जिससे आपका पार्टनर नाराज हो गया था. इसके अलावा यह भी सोचने की जरूरत है कि आखिर वो कौन सी बात थी जिसने उसे खुशी दी थी. इससे आपको पता चलेगा कि उसे क्या पसंद है और क्या बात उसे नाराज या परेशान कर सकती है.
2. अगर आप अपने पार्टनर को कुछ बताना चाहते हैं तो यह जरूर तय कर ले कि उसे पहले से ही उस बारे में कुछ पता जरूर हो. अगर आप अचानक से उसे कोई ऐसी बात बता देंगे जिसे सुनकर उसे बुरा लग सकता है तो ऐसा करना आप दोनों के बीच दूरियां ला सकता है.
3. आपका बात करने का तरीका मधुर होना चाहिए. तेज आवाज में कठोर शब्दों का इस्तेमाल करने से संबंध सिर्फ खराब ही होते हैं. ऐसे में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी है. वाणी पर नियंत्रण के साथ ही गुस्से पर भी काबू करना आना चाहिए क्योंकि कई बार गुस्से में हम कुछ ऐसी बातें कह जाते हैं जो संबंधों को तोड़ने का ही काम करती हैं.
4. भावनाओं को स्पष्ट तरीके और पूरी ईमानदारी से रखना न केवल रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है बल्कि ऐसा करने से आपका सम्मान भी बढ़ेगा.
5. जरूरी नहीं है कि आप जब भी बात करें अपने रिलेशन से जुड़ी बातें ही करें. आपकी बातों में वैरायटी होनी चाहिए. हर समय एक सी ही बात करना आपके रिश्ते को बोझिल और बोरिंग बना सकता है. ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर आप दोनों में मनमुटाव होने लगेगा.
भूमिका राय