सभी जानते हैं कि डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है. डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि डाइट में की गई थोड़ी सी भी चूक डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है.
आप अगर डायबिटीज के मरीज हैं तो सही डाइट, एक्सरसाइज और समय पर मेडिसिन लेकर अपने ब्लड शुगर के स्तर को नॉर्मल रख सकते हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, डायबिटीज के मरीजों के लिए प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट खतरनाक होता है. लेकिन कई सारी खाने की चीजों में हेल्दी और फाइबर युक्त कार्बोहाइड्रेट्स मौजूद होते हैं, जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखते हैं.
साबूदाना भी एक हेल्दी फूड में शुमार किया जाता है. लेकिन क्या डायबिटीज के मरीजों को साबूदाना खाना चाहिए या नहीं आइए जानें....
साबूदाने में भरपूर मात्रा में फाइबर और कैल्शियम पाया जाता है. इससे शरीर को एनर्जी भी मिलती है. यही कारण है कि इसे व्रत के दौरान खाते हैं, ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे.
साबूदाना डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ-साथ कब्ज की समस्या में भी फायदा पहुंचाता है.
इसके अलावा साबूदाना वजन को भी नियंत्रण में रखता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत जरूरी है.
लेकिन, इतने सभी गुणों से भरपूर होने के बाद भी डायबिटीज के मरीजों को अधिक मात्रा में साबूदाना खाने से मना किया जाता है.
दरअसल, टैपिओका रूट से निकलने वाले स्टार्च को प्रोसेस्ड कर इसे छोटे-छोटे ट्रांसपेरेंट बॉल्स के रूप में बनाया जाता है, जिसे साबूदाना कहते हैं. चूंकि स्टार्च युक्त फूड जैसे आलू और सफेद चावल डायबिटीज के मरीजों के लिए हानिकारक होते हैं, उसी तरह साबूदाना भी डायबिटीज के मरीजों को नुकसान पहुंचा सकता है.
इसके अलावा साबूदाने में ग्लाइसिमिक इंडेक्स भी ज्यादा होता है, जो आपके ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाता है. इसलिए इसको रोजाना खाने से बचें.
बता दें, 70 से ज्यादा ग्लाइसिमिक इंडेक्स वाली चीजों का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट डायबिटीज के मरीजों को उन्हीं चीजों को खाने की सलाह देते हैं, जिनका ग्लाइसिमिक इंडेक्स 55 से कम हो.
हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि आप अगर डायबिटीज के मरीज हैं और आपको साबूदाना पसंद है, तो अपनी डाइट में साबूदाना शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.