डोसा बनाने से पहले तवे पर पानी क्यों छिड़कते हैं? IIT मद्रास के प्रोफेसर ने बताया कारण और इसके पीछे की फिजिक्स

डोसा बनाने के दौरान तवे पर पानी छिड़कने की परंपरा एक फिजिक्स पर आधारित है जिसे IIT मद्रास के प्रोफेसर माहेश पंचग्नुला ने लेडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट के रूप में समझाया है.

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डोसा के तवे पर पानी क्यों छिड़कते हैं? डोसा के तवे पर पानी क्यों छिड़कते हैं?

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:44 AM IST

साइड इंडियन डिश यानी डोसा नॉर्थ इंडिया में भी काफी चाव से खाया जाता है. आप देखेंगे कि जगह-जगह रेहड़ी पर या रेस्टोरेंट में अलग-अलग तरह के डोसा बनाए जाते हैं जो लोगों के पसंदीदा होते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया कि डोसा बनाते समय दुकानदार तवे पर पानी क्यों छिड़कते हैं? शायद आपने उसको एक रूटीन काम समझकर उस पर ध्यान नहीं दिया होगा. दरअसल, ये छोटी-सी ट्रिक सदियों पुरानी परंपरा है जो विज्ञान से जुड़ी हुई है. इस बारे में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर ने भी बताया है कि ऐसा क्यों करते हैं. तो आइए इस सीक्रेट को जानते हैं.

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क्या कहते हैं प्रोफेसर

आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर माहेश पंचग्नुला का कहना है, 'तवे पर पानी छिड़कना लेडेनफ्रॉस्ट इफेक्ट (Leidenfrost Effect) का टेस्ट है. इसकी खोज 18वीं सदी में जर्मनी में हुई थी जो भारतीय किचन में सदियों से चली आ रही है.'

प्रोफेसर माहेश के मुताबिक, 'ये दादी-नानी का इंट्यूशन है, जो फिजिक्स पर बेस्ड है. तवा अगर कम गर्म हो तो पानी धीरे भाप बनता है. 200 डिग्री से ज्यादा गर्म तवे पर पानी की बूंद भाप की पतली चादर पर तैरती है. ये चादर बैटर को तवे से अलग रखती है, ताकि आसानी से फैले, किनारे कुरकुरे बनें और इससे डोसा बीच से मुलायम रहता है.'

'इसके अलावा बैटर के फर्मेंटेशन से छोटे एयर पॉकेट्स बनते हैं जो गर्मी से फूलते हैं और टेक्स्चर देते हैं. स्प्रेडिंग टेक्नीक से डोसा पतला-क्रिस्पी बनता है.'

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दादी-नानी का सीक्रेट

हर किचन में डोसा बनाते हुए तवा गर्म करें फिर उंगलियों से दो-चार बूंद पानी छिड़कें. अगर पानी आवाज कर तुरंत उड़ जाए तो तवा रेडी है. लेकिन यदि पानी की बूंदें वैसी ही रहें तो आंच को कम करें. ये तरीका पीढ़ी-दर-पीढ़ी चला आ रहा है. गलत तापमान पर डोसा या तो चिपक जाता है या कच्चा रह जाता. 

तापमान कंट्रोल क्यों जरूरी है?

जानकारी के मुताबिक, पहला डोसा बनने के बाद तवा ओवरहीट हो जाता है. अगला बैटर जलने लगता. पानी छिड़ककर तापमान बैलेंस होता है. सही मूमेंट पर पानी डालने से तापमान कंट्रोल हो जाता है और छोटे-छोटे छेद बन जाते हैं.

हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं कमाल

डोसा चावल-दाल का फर्मेंटेड फूड है जो डाइजेशन बूस्ट करता है, वेट लॉस में मददगार है. इसके अलावा तवे पर पानी वाली ट्रिक तेल बचाती है, प्रोटीन-फाइबर से भरपूर हेल्दी ब्रेकफास्ट बनता है जो पेट जल्दी भरता है.
 

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