गर्मी की शुरुआत होते ही ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी सांपों की दखल बढ़ जाती है. बरसात शुरू होते ही कई इलाकों में सांप दिखने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. कई लोग सांप को घर, गार्डन आदि जगह से भगा तो देते हैं लेकिन उनका कहना होता है कि हर साल एक ही जगह पर सांप आकर अपना बसेरा बना लेते हैं. वहीं कई लोग इसे अक्सर अंधविश्वास या किसी रहस्य से जोड़ देते हैं लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे पूरी तरह कुछ वैज्ञानिक कारण होते हैं जो सांप को एक ही जगह बार-बार खींच लाते हैं.
वैज्ञानिकों के अनुसार, सांप अपने रहने और शिकार करने की जगहों को लेकर बहुत पक्के होते हैं. अगर किसी सांप को एक खास जगह पर सुरक्षित महसूस होता है और वहां उसे पर्याप्त भोजन मिलता है तो वह उस जगह को याद कर लेते हैं. इसे फिडेलिटी (Fidelity) कहा जाता है. चाहे वह सर्दियों में छिपने की जगह हो या गर्मियों में धूप सेंकने का पत्थर, सांप अपनी इंद्रियों के जरिए उस सटीक लोकेशन को पहचान लेते हैं.
सांपों की सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है और वे अपनी जीभ के जरिए हवा और जमीन से रासायनिक संकेतों को इकट्ठा करते हैं. जब वे किसी रास्ते से गुजरते हैं तो वहां अपने शरीर की गंध या फेरोमोन्स छोड़ जाते हैं. यह गंध उनके लिए एक नक्शे की तरह काम करती है. अगली बार जब उन्हें सुरक्षित ठिकाने की तलाश होती है तो वे इन्हीं संकेतों का पीछा करते हुए उसी पुराने स्थान पर पहुंच जाते हैं जहां वे पहले रह चुके होते हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांप वहां ज्यादा दिखाई देते हैं जहां चूहे, मेंढक और छोटे जीव आसानी से मिलते हों. घरों के आसपास जमा कूड़ा, अनाज का खुला स्टोरेज या गंदगी चूहों को आकर्षित करती है और चूहों के पीछे सांप भी वहां पहुंच जाते हैं. यदि सांपों को किसी जगह पर लगातार भोजन मिलता रहे तो सांप उस इलाके को छोड़ना पसंद नहीं करते.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क