Flushing garlic down the toilet: आमतौर पर घरों में लोग किसी भी समस्या पर पहले घरेलू उपाय ही करके देखते हैं, उसके बाद ही कोई दूसरा रास्ता अपनाते हैं. उन्हीं में से एक है शौचालय में लहसुन डालकर बहाना. कई घरों में लोग टॉयलेट में लहसुन की कली डालकर फ्लश कर देते हैं. यह आदत अचानक नहीं बनती, बल्कि अक्सर किसी की सलाह, कीड़े-मकोड़ों की परेशानी या टॉयलेट से आने वाली बदबू के कारण शुरू होती है.
इसका सबसे बड़ा कारण यही है कि लहसुन सस्ता, आसानी से मिलने वाला और तेज गंध वाला होता है, ऐसे में लोगों को लगता है कि यह टॉयलेट से आने वाली बदबू को कम कर सकता है और कीड़ों को भी दूर कर सकता है.
लोगों का मानना है कि लहसुन से आने वाली तेज गंध की वजह से कीड़े टॉयलेट के आसपास से भाग जाएंगे. कॉकरोच,चूहे और ड्रेन से निकलने वाले कीड़े लहसुन डालने से पास नहीं आते.कुछ घरों में इसे फ्लश करने से पहले कूट दिया जाता है,ताकि उसकी स्मेल ज्यादा फैले. लोगों को लगता है कि पाइपों में लहसुन की महक रहने से कीड़े दूर रहते हैं.
रात में टॉयलेट का यूज अक्सर कम किया जाता है और इसलिए लोग सोने से पहले टॉयलेट की बदबू खत्म करने के लिए उसमें एक कली डालकर छोड़ देते हैं. लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जिससे बैक्टीरिया की वजह से आने वाली हल्की बदबू कुछ हद तक कम हो सकती है. लेकिन यह परफ्यूम जैसी खुशबू नहीं देता, लेकिन गंदी गंध को थोड़ा दबा देता है.
कुछ लोग लहसुन को कूटकर गर्म पानी में उबालते हैं और उस पानी को टॉयलेट में डाल देते हैं. इससे सीट पर हल्के पीले दाग, जमी हुई गंदगी थोड़ी नरम हो जाती है, जिससे सुबह ब्रश से साफ करना आसान लगता है.
कभी-कभार एक कली डालने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन रोज-रोज ऐसा करने से कुछ नुकसान जरूर हो सकते हैं.जिनकी वजह से प्लंबर भी इसे रोजाना करने की सलाह नहीं देते है.
लहसुन टॉयलेट सीट में डालने का कोई जादुई इलाज नहीं है, इनसे पूरी तरह से टॉयलेट सीट न तो साफ होती है और न ही उससे लंबे समय के लिए बदबू निकलती है. इससे सिर्फ हल्का ही असर देखने को मिलता है. असल में लोग इसे इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्होंने सफाई के लिए कुछ तो किया.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क