Skincare routine misinformation: आज का जमाना सोशल मीडिया का है, यह कहना गलत नहीं होगा क्योंकि आजकल लोग प्रोफेशनल्स से अधिक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की बात मान रहे हैं और उन्हें ही फॉलो कर रहे हैं. अब चाहे डाइट की बात हो या एक्सरसाइज की, किसी इलाज की बात हो या फिर स्किन केयर रूटीन की. हर कोई उन्हें ही फॉलो कर रहा है. एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट पर मौजूद स्किनकेयर से जुड़ी गलत जानकारी लोगों की त्वचा को फायदा पहुंचाने के बजाय गंभीर नुकसान पहुंचा रही है.
डर्मेटोलॉजिस्ट्स का मानना है कि बिना डॉक्टरी सलाह के कई तरह के सीरम, एसिड और एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल स्किन बैरियर (त्वचा की ऊपरी सुरक्षा परत) को तबाह कर रहा है. यदि आप भी ऐसा करते हैं तो पहले डॉक्टर की चेतावनी सुन लें.
एक्सपर्ट्स ने आगाह किया है कि ग्लास स्किन पाने की होड़ में युवा अपनी नेचुरल स्किन से खिलवाड़ कर रहे हैं जिससे कम उम्र में ही उन्हें झुर्रियां और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.
द हिंदू की रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया कि इंस्टाग्राम जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इन्फ्लुएंसर्स अक्सर 'वन साइज फिट्स ऑल' (सबके लिए एक जैसा) फॉर्मूला प्रमोट करते हैं. अपोलो हॉस्पिटल्स की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. कस्तूरी चटर्जी के अनुसार, लोग यह नहीं समझते कि हर किसी की स्किन टाइप अलग होती है. गलत प्रोडक्ट्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से डर्मेटाइटिस और स्किन इरिटेशन के मामले तेजी से बढ़े हैं.
मैक्स हेल्थकेयर की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. निधि खन्ना के मुताबिक, चेहरे पर एक साथ कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स (जैसे रेटिनॉल, विटामिन-सी और सैलिसिलिक एसिड) लगाना त्वचा की ऊपरी सुरक्षा परत यानी 'स्किन बैरियर' को पतला कर देता है. जब यह परत टूटती है तो त्वचा संवेदनशील हो जाती है और धूप व प्रदूषण का असर दोगुना तेजी से होने लगता है.
रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि विज्ञापन और सोशल मीडिया पोस्ट 'परफेक्ट स्किन' की जो फोटोज या वीडियोज दिखाते हैं, वह अक्सर फिल्टर का कमाल होती है. डॉक्टर्स का कहना है कि लोग रातों-रात गोरा होने या दाग-धब्बे मिटाने के चक्कर में ऐसे स्टेरॉयड युक्त क्रीम लगा लेते हैं जो भविष्य में स्किन कैंसर तक का खतरा बढ़ा सकते हैं.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क