आपने अपने घर के बड़े-बुजुर्गों से अक्सर सुना होगा कि सर्दियों में गीले बालों के साथ या बिना कोट के बाहर मत जाओ वरना तुम्हें सर्दी लग जाएगी. वास्तव में यह पूरी तरह सच नहीं है. कई चीजों की तरह इसके पीछे का कारण समझना भी काफी जटिल है. यहां अंतर यह है कि ठंड लगने से आपको सर्दी नहीं होती. लेकिन यह सच है कि ठंडा मौसम सर्दी और फ्लू जैसे रेस्पिरेटरी वायरस के प्रति आपको ज्यादा सेंसिटिवी बना देता है. कई रिसर्च यह भी बताती हैं कि कम तापमान में COVID-19 ज्यादा आक्रमक हो जाता है.
'scientificamerican.com' के अनुसार, अमेरिका के इंडियाना स्थित पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में नर्सिंग की प्रोफेसर कहती हैं कि मुझसे अक्सर संक्रामक बीमारियों के फैलने के बारे में पूछा जाता है जिसमें ठंड और सर्दी लगने के बीच का संबंध भी शामिल है.
वास्तव में कई वायरस जिनमें राइनोवायरस जो कॉमन कोल्ड का मुख्य कारण है, इन्फ्लूएंजा और SARS-CoV-2 वायरस जो COVID-19 का कारण बनता है. ये सभी ठंडे तापमान, कम नमी वाली जगहों और वातावरण में ज्यादा समय तक संक्रामक रहते हैं और तेजी से बढ़ते हैं. चूंकि लोग ठंडे मौसम में घर के अंदर और दूसरों के साथ ज्यादा करीब रहते हैं तो इसकी वजह से कीटाणु भी ज्यादा आसानी से फैलते हैं.
ठंड में वायरस आसानी से फैलते हैं
ज्यादा ठंडा मौसम इन्फ्लूएंजा वायरस की बाहरी झिल्ली को बदल सकता है जिससे यह ज्यादा ठोस और रबड़ जैसा हो जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि रबड़ जैसी कोटिंग वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की प्रक्रिया को आसान बनाती है.
सिर्फ ठंडी सर्दियों की हवा ही समस्या पैदा नहीं करती. ठंडी हवा के साथ-साथ सूखी हवा को भी फ्लू के प्रकोप से जोड़ा गया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि सूखी हवा इन्फ्लूएंजा वायरस को ज्यादा समय तक संक्रामक बनाए रखने में मदद करती है. सर्दियों की सूखी हवा सांस की बूंदों में मौजूद पानी को ज्यादा तेजी से भाप बनने में मदद करती है. इससे छोटे कण बनते हैं जो खांसने या छींकने के बाद बाहर जाकर हवा में ज्यादा देर तक टिक सकते हैं और ज्यादा दूर तक भी जा सकते हैं.
इम्यून सिस्टम भी होता है प्रभावित
ठंडे मौसम में आपका इम्यून सिस्टम कैसे रिस्पॉन्ड करता है, यह भी बहुत मायने रखता है. ठंडी हवा में सांस लेने से आपके रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट के इम्यून रिस्पॉन्स पर उलटा असर डालता है जिससे वायरस के लिए वहां अपनी पकड़ बनाना आसान हो जाता है. यही वजह है कि नाक और मुंह पर स्कार्फ पहनने से सर्दी से बचने में मदद मिल सकती है क्योंकि यह आपके सांस लेने वाली हवा को गर्म रखता है.
धूप और फिजिकल एक्टिविटी भी है बेहद जरूरी
ठंड में ज्यादातर लोगों को कम धूप मिलती है. यह एक समस्या है क्योंकि सूरज विटामिन D का एक मुख्य सोर्स है, जो इम्यून सिस्टम की हेल्थ के लिए जरूरी है.
इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी भी एक और बड़ा फैक्टर है जो सर्दियों में कम हो जाती है. बाहर जाने के बजाय लोग ज्यादा समय घर के अंदर बिताते हैं. वो ज्यादा समय दूसरों के साथ रहते हैं जिससे बीमारी फैलती है. रेस्पिरेटरी वायरस आमतौर पर संक्रमित व्यक्ति के 6-फुट के दायरे में फैलते हैं.
खुद को सुरक्षित रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं
कुल मिलाकर गीले और ठंडे होने से आप बीमार नहीं पड़ते. फिर भी पूरे साल बीमारी से बचने के लिए कुछ तरीके आपको जरूर फॉलो करने चाहिए.
अपने हाथ बार-बार धोएं.
अपना चेहरा छूने से बचें. लोग ऐसा एक घंटे में नौ से 23 बार करते हैं.
हाइड्रेटेड रहें. दिन में आठ गिलास पानी पिएं लेकिन यह लाइफस्टाइल और व्यक्ति के साइज के आधार पर कम या ज्यादा हो सकता है. लेकिन हर किसी को सात से आठ गिलास पानी कम से कम पीना चाहिए.
बैलेंस डाइट लें. गहरी हरी पत्तेदार सब्जियों में इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने वाले विटामिन्स भरपूर मात्रा में होते हैं. जबकि अंडे, फोर्टिफाइड दूध, सैल्मन और टूना में विटामिन D होता है.
सर्दियों में भी फिजिकली एक्टिव रहें.
पर्याप्त नींद लें.
अपने घर में ज्यादा हाथों के संपर्क में आने वाली सतहों को दिन में कई बार साफ करें ताकि उन पर वायरस ना टिक सकें.
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