कच्चा मांस-ऑक्टोपस खाता है यह शख्स, बताया- कैसा होता है शरीर पर असर

लॉस वेगास का रहने वाला एक शख्स जिसका नाम रस्टी मैकएंटायर (Rusty McEntire) है वह पिछले 8 साल से कच्चा मांस, मछली और जिंदा ऑक्टोपस खा रहा है. 30 साल के शख्स को कच्चा मांस खाने से क्या फायदा होता है? इस बारे में उसने बताया.

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(Instagram/oklahomeless) (Instagram/oklahomeless)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 4:02 PM IST

आपने सुना होगा आदि मानव के समय में इंसान जानवरों को मारकर उनका कच्चा मांस खाता था. फिर जब आग की खोज हुई उसके बाद मांस को पकाकर खाना शुरू किया. लेकिन आज के समय की बात करें तो नॉनवेज को खाने के कई तरीके आ गए हैं जो कई तरह से फायदा भी पहुंचाते हैं. लेकिन एक शख्स ऐसा है जो आज के समय में भी रोजाना कच्चा मांस खाता है. शख्स का दावा है कि वह कच्चा मांस खाकर ताकतवर और स्मार्ट हो गया है. वह पिछले 8 साल से कच्चा मांस खा रहा है और उसे कोई भी साइड इफेक्ट नहीं हुए हैं.   

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कौन है यह शख्स

Dailymail के मुताबिक, कच्चा मांस खाने वाले इस शख्स का नाम रस्टी मैकएंटायर (Rusty McEntire) है जो कि लॉस वेगास के रहने वाले है और फ्लाइट अटेंडेंट है. रस्टी ने हमेशा से ही खाने को कुछ अलग तरह से खाने की कोशिश की थी. उन्होंने एक बार कच्चा मांस खाने की कोशिश की जो उन्हें टेस्टी लगा. इसके बाद से वह पिछले 8 सालों से कच्चा मांस ही खा रहा है. उसने एक बार जब कच्चा बायसन खा लिया था उससे उसके शरीर में काफी एनर्जी आ गई थी.

30 साल के हैं रस्टी मैकएंटायर

30 साल के रस्टी ने पिछले आठ सालों में एक भी बार पका हुआ खाना नहीं खाया. वह अब निएंडरथल इंस्पायर्ड डाइट (Neanderthal-inspired diet) फॉलो करते हैं जिसमें मांस, मछली और ऑक्टोपस जैसे जीवों का कच्चा मांस होता है. 

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रस्टी का दावा है कि वह रोजाना 3,000 से 4,000 कैलोरी लेता है जिसमें 900 ग्राम कच्चा मांस होता है और डाइट को रोजाना इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करता है. रस्की के दोस्त तो उसकी डाइट को काफी खराब बताते हैं लेकिन रस्की की मां भी उनके साथ रोजाना कच्चा मांस खाती हैं. 

रस्टी ने Dailymail से एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा, “अगर मैं छोड़ी मात्रा में कच्चा मांस खा रहा हूं तो उससे मेरी एनर्जी और फोकस बढ़ जाता है. माना कि यह एक इमेजिनेशन भी हो सकती है लेकिन पर्सनली रूप से यह बात मेरे लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है. मैं जब भी कच्चा मांस खाना छोड़ता हूं तो मुझे आलस आने लगता है.”

रस्टी ने आगे कहा, “खाना पकाने के दौरान पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं जिसकी मुझे चिंता होती थी. इसके बाद भी मैंने कच्चे मांस को खाना ही जारी रखा.” 

कच्चा दूध भी पीते हैं रस्टी

सिर्फ कच्चा मांस ही नहीं रस्टी कच्चा दूध भी पीते हैं जो बिना पाश्चुरीकृत होता है. पाश्चराइजिंग वह प्रक्रिया है जो दूध में संभावित खतरनाक बैक्टीरिया को मारती है और कई अमेरिकी राज्यों में कच्चे दूध की बिक्री पर पाबंदी है. सीडीसी के अनुसार, कच्चा दूध और इससे बने उत्पाद से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. कई बार ये जानलेवा भी हो सकता है.

कच्चा मांस को पकाना चाहिए: सीडीसी

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रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) का कहना है कि मांस को पकाया जाना चाहिए ताकि उसके बैक्टीरिया नष्ट हो जाएं और आप बीमार ना पड़े. दरअसल, कच्चा मांस पकाने से सख्त रेशे टूट जाते हैं जिसका अर्थ है कि इसे चबाना और पचाना आसान हो जाता है. ऐसा करने से पोषक तत्वों का अवशोषण भी बेहतर होता है. 

2011 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च में पाया गया था कि पका हुआ मांस कच्चे मांस की तुलना में अधिक एनर्जी देता है. लेकिन रस्टी का दावा है कि वह न्यूट्रीशनिस्ट या डायटीशियन नहीं है लेकन वह अपने ऊपर रिसर्च करते हैं और उसके मुताबिक ही जानकारी देते हैं. 
 

 

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